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Jammu News: बाईपास मार्ग पर आईईडी मिलने का मामला, पचास कैमरे और डंप डाटा खंगाला
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बावे मंदिर से हाईवे को जाते बाईपास मार्ग पर मिले आईईडी मामले में अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। हालांकि पुलिस ने रविवार को बावे वाली मंदिर और आसपास के तीन किलोमीटर के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण जगहों पर 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। इसके बावजूद आईईडी प्लांट करने वाले का पता नहीं चल पाया। इसके अलावा मौका-ए-वारदात के पास 3 किलोमीटर के क्षेत्र का डंप डाटा भी खंगाला। डंप डाटा से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उस समय किन-किन लाेगों की संदिग्ध बातचीत हुई है और कौन से संदिग्ध नंबर रेंज में थे। डीएसपी परोपकार सिंह का कहना है कि आईईडी के बीच टाइमर तो था, लेकिन नष्ट करने के बाद भी पता नहीं लग पाया कि टाइमर कितनी अवधि का था। फिलहाल जांच जारी है।
वहीं, आईईडी प्लांट करने के लिए सिद्दड़ा-कुंजवानी मार्ग हॉटस्पॉट बन गया है। 3 वर्ष में चार बार आईईडी लगाई जा चुकी है। रोड को आईईडी का आदान-प्रदान करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। शहर का बाहरी क्षेत्र होने के कारण जम्मू से श्रीनगर और देश के अन्य हिस्सों से कश्मीर के लिए आवाजाही इसी रोड पर सबसे अधिक है। इस वजह से क्षेत्र में आईईडी प्लांट करना आसान है। यहीं नहीं, रोड पर आईईडी छोड़ना और रिसीव करना भी आसान है।
पिछले साल की बात करें तो 26 अप्रैल को सिद्दड़ा रोड से दो आईईडी बरामद की गई थीं, जो संभवतः सैन्य काफिलों को उड़ाने के लिए लगाई गई थीं। 28 दिसंबर को एक ट्रक से 15 किलो आईईडी बरामद की गई थी। 2021 में एक रेस्तरां के बाहर फरवरी में सात किलो आईईडी रखी गई थी, जिसे आतंकी ने श्रीनगर ले जाने का प्रयास किया, लेकिन वह जम्मू बस स्टैंड पर पकड़ा गया। अब ताजा मामला बावे मंदिर से हाईवे को जोड़ने वाले बाईपास मार्ग का है। यहां दो किलो की आईईडी लगाकर दहलाने की कोशिश थी।
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जम्मू। बावे मंदिर से हाईवे को जाते बाईपास मार्ग पर मिले आईईडी मामले में अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। हालांकि पुलिस ने रविवार को बावे वाली मंदिर और आसपास के तीन किलोमीटर के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण जगहों पर 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। इसके बावजूद आईईडी प्लांट करने वाले का पता नहीं चल पाया। इसके अलावा मौका-ए-वारदात के पास 3 किलोमीटर के क्षेत्र का डंप डाटा भी खंगाला। डंप डाटा से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उस समय किन-किन लाेगों की संदिग्ध बातचीत हुई है और कौन से संदिग्ध नंबर रेंज में थे। डीएसपी परोपकार सिंह का कहना है कि आईईडी के बीच टाइमर तो था, लेकिन नष्ट करने के बाद भी पता नहीं लग पाया कि टाइमर कितनी अवधि का था। फिलहाल जांच जारी है।
वहीं, आईईडी प्लांट करने के लिए सिद्दड़ा-कुंजवानी मार्ग हॉटस्पॉट बन गया है। 3 वर्ष में चार बार आईईडी लगाई जा चुकी है। रोड को आईईडी का आदान-प्रदान करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। शहर का बाहरी क्षेत्र होने के कारण जम्मू से श्रीनगर और देश के अन्य हिस्सों से कश्मीर के लिए आवाजाही इसी रोड पर सबसे अधिक है। इस वजह से क्षेत्र में आईईडी प्लांट करना आसान है। यहीं नहीं, रोड पर आईईडी छोड़ना और रिसीव करना भी आसान है।
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पिछले साल की बात करें तो 26 अप्रैल को सिद्दड़ा रोड से दो आईईडी बरामद की गई थीं, जो संभवतः सैन्य काफिलों को उड़ाने के लिए लगाई गई थीं। 28 दिसंबर को एक ट्रक से 15 किलो आईईडी बरामद की गई थी। 2021 में एक रेस्तरां के बाहर फरवरी में सात किलो आईईडी रखी गई थी, जिसे आतंकी ने श्रीनगर ले जाने का प्रयास किया, लेकिन वह जम्मू बस स्टैंड पर पकड़ा गया। अब ताजा मामला बावे मंदिर से हाईवे को जोड़ने वाले बाईपास मार्ग का है। यहां दो किलो की आईईडी लगाकर दहलाने की कोशिश थी।
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