फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   I was sitting in my house and it felt like an earthquake struck and within no time my three storey house

J&K: 'घर में बैठे थे ऐसा लगा भूकंप आया; देखते ही देखते तीन मंजिला मकान खत्म हो गया, 15 सेकंड में सब कुछ तबाह'

Sun, 17 Aug 2025 06:58 AM IST
निकिता गुप्ता अरुण कुमार अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू
अरुण कुमार अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू Published by: निकिता गुप्ता Updated Sun, 17 Aug 2025 06:58 AM IST
सार

जम्मू के चिशोती गांव में अचानक आए जलसैलाब ने कई परिवारों का सब कुछ छीन लिया, तीन मंजिला मकान बह गया और कई लोग मारे गए या घायल हुए। पीड़ित परिवारों ने अपनी आंखों के सामने जीवनभर की कमाई और अपनों को खोते देखा, गांव अब खंडहर में बदल चुका है।

विज्ञापन
I was sitting in my house and it felt like an earthquake struck and within no time my three storey house
पूजा और पिंकी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चिशोती आसमानी आपदा में अपना तीन मंजिला घर, जमीन और सब कुछ खो चुके पिंकी और पूजा की आंखों में आंसू हैं। उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि जीवन भर कमाई लगाकर जिस आशियाने को मजदूर पिता ने तैयार किया था उसे अपने आंखों के सामने कुछ ही सेकंड तबाह होते देखेंगी। बताया कि हमेशा शांत बहने वाला चिशोती नाला कभी ऐसा रोद्र रूप लेगा और सबकुछ छीन लेगा सोचा भी नहीं था। मां जीएमसी जम्मू में भर्ती है, पिता भी घायल है। बड़े पापा की मौत हो गई है। घर में मातम है। घर नहीं बचा, जमीन भी नहीं रही कैसे सबकुछ होगा। अगर हम दस सेकंड ओर घर के अंदर रहते तो शायद आज इस तरह बात नहीं कर पाते। अरुण कुमार से बातचीत में बयां किया अपना दर्द

विज्ञापन

बुधवार का दिन था सुबह करीब 11 बजे घर में पापा और भाई मैं साथ बैठी थी। बारिश थी लेकिन श्रद्धालुओं का मचेल माता दरबार की तरफ जाने और वापस आने का सिलसिला जारी था। चिशोती नाले में पानी का भाव भी सामान्य था। अचानक तेज आवाज सुनाई दी, भूकंप आने की तरह का झटका महसूस हुआ।

भागो-भागो की आवाजें और सीटियां सुनाई दीं। सुनते घर से बाहर तो आए लेकिन कुछ समझ पाते उससे पहले ही रोद्र रूप ले चुके चिशोती नाले में आए जल सैलाब ने हमारा घर, जमीन और सब कुछ छीनकर अपने साथ ले लिया। मां नाले पर बने पुल के पार खेत में थी। वहां सेब के पेड़ है, सेब काट रही थी।

इस बीच सैलाब आए और उन्हें अपने चपेट में ले लिया। इसमें गंभीर रूप से घायल हो गई। उन्हें जीएमसी जम्मू में भर्ती किया है। यह सब कुछ सिर्फ 15 सेकंड में हुआ। आफरा तफरी मंच गई। कुछ मिनट पहला जहां भजन-कीर्तन और जयघोष थे। वहां कुछ ही सेकंड बाद मातम पसर गया। पूजा ने कहा कि तीन मंजिला घर था। इसकी साल उसका काम पूरा हुआ था। पिता मिस्त्री का काम करते है। एक-एक पाई जमका आशियाना बना था, उसमें अच्छे से रहना भी नसीब नहीं हुआ।

ऊपर के दो मंजिल टूट गई, सबसे नीचे वाला का कुछ हिस्सा बचा है, लेकिन वहां जाना मुश्किल है क्योंकि किसी भी समय गिर सकता है। वहां मेरा मोबाइल पड़ा है, कपड़े और सभी जरूरी सामान है। उन्होंने कहा कि बड़े पापा की मौत हो गई। गांव के 14 लोगों गायब थे, जिसमें नौ लोगों के शव मिल गए थे। नाले में पानी आता था, लेकिन इतना कभी नहीं आया। ऐसा वाला रूप पहली बार देखा। हमें समझ नहीं आ रहा है, अब क्या करेंगे। घर गया, उसके साथ हमारी जमीन थी वो भी गई। आगे क्या करेंगे कुछ पाता नही।

पूजा की छोटी बहन पिंकी ने कहा कि लंगर के साथ स्कूल है। वहां 15 अगस्त की तैयारी चल रही थी। 15 अगस्त पर कार्यक्रम होना था। अचानक तेज आवाज सुनाई दी और देखते ही देखते हमार गांव चिशोती तबाह हो गया। कभी ऐसा मंजर नहीं देखा था। परिवार में दो दिन से किसी के घर चुल्हा नहीं जला था। पानी की आपूर्ति बंद, बिजली नहीं थी। मोबाइल टावर भी काम नहीं कर रहा है। यकीन नहीं हो रहा है यह हमारी गांव है, जो अब खंडर में बदल गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

संबंधित वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed