J&K: 'घर में बैठे थे ऐसा लगा भूकंप आया; देखते ही देखते तीन मंजिला मकान खत्म हो गया, 15 सेकंड में सब कुछ तबाह'
जम्मू के चिशोती गांव में अचानक आए जलसैलाब ने कई परिवारों का सब कुछ छीन लिया, तीन मंजिला मकान बह गया और कई लोग मारे गए या घायल हुए। पीड़ित परिवारों ने अपनी आंखों के सामने जीवनभर की कमाई और अपनों को खोते देखा, गांव अब खंडहर में बदल चुका है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चिशोती आसमानी आपदा में अपना तीन मंजिला घर, जमीन और सब कुछ खो चुके पिंकी और पूजा की आंखों में आंसू हैं। उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि जीवन भर कमाई लगाकर जिस आशियाने को मजदूर पिता ने तैयार किया था उसे अपने आंखों के सामने कुछ ही सेकंड तबाह होते देखेंगी। बताया कि हमेशा शांत बहने वाला चिशोती नाला कभी ऐसा रोद्र रूप लेगा और सबकुछ छीन लेगा सोचा भी नहीं था। मां जीएमसी जम्मू में भर्ती है, पिता भी घायल है। बड़े पापा की मौत हो गई है। घर में मातम है। घर नहीं बचा, जमीन भी नहीं रही कैसे सबकुछ होगा। अगर हम दस सेकंड ओर घर के अंदर रहते तो शायद आज इस तरह बात नहीं कर पाते। अरुण कुमार से बातचीत में बयां किया अपना दर्द
बुधवार का दिन था सुबह करीब 11 बजे घर में पापा और भाई मैं साथ बैठी थी। बारिश थी लेकिन श्रद्धालुओं का मचेल माता दरबार की तरफ जाने और वापस आने का सिलसिला जारी था। चिशोती नाले में पानी का भाव भी सामान्य था। अचानक तेज आवाज सुनाई दी, भूकंप आने की तरह का झटका महसूस हुआ।
भागो-भागो की आवाजें और सीटियां सुनाई दीं। सुनते घर से बाहर तो आए लेकिन कुछ समझ पाते उससे पहले ही रोद्र रूप ले चुके चिशोती नाले में आए जल सैलाब ने हमारा घर, जमीन और सब कुछ छीनकर अपने साथ ले लिया। मां नाले पर बने पुल के पार खेत में थी। वहां सेब के पेड़ है, सेब काट रही थी।
इस बीच सैलाब आए और उन्हें अपने चपेट में ले लिया। इसमें गंभीर रूप से घायल हो गई। उन्हें जीएमसी जम्मू में भर्ती किया है। यह सब कुछ सिर्फ 15 सेकंड में हुआ। आफरा तफरी मंच गई। कुछ मिनट पहला जहां भजन-कीर्तन और जयघोष थे। वहां कुछ ही सेकंड बाद मातम पसर गया। पूजा ने कहा कि तीन मंजिला घर था। इसकी साल उसका काम पूरा हुआ था। पिता मिस्त्री का काम करते है। एक-एक पाई जमका आशियाना बना था, उसमें अच्छे से रहना भी नसीब नहीं हुआ।
ऊपर के दो मंजिल टूट गई, सबसे नीचे वाला का कुछ हिस्सा बचा है, लेकिन वहां जाना मुश्किल है क्योंकि किसी भी समय गिर सकता है। वहां मेरा मोबाइल पड़ा है, कपड़े और सभी जरूरी सामान है। उन्होंने कहा कि बड़े पापा की मौत हो गई। गांव के 14 लोगों गायब थे, जिसमें नौ लोगों के शव मिल गए थे। नाले में पानी आता था, लेकिन इतना कभी नहीं आया। ऐसा वाला रूप पहली बार देखा। हमें समझ नहीं आ रहा है, अब क्या करेंगे। घर गया, उसके साथ हमारी जमीन थी वो भी गई। आगे क्या करेंगे कुछ पाता नही।
पूजा की छोटी बहन पिंकी ने कहा कि लंगर के साथ स्कूल है। वहां 15 अगस्त की तैयारी चल रही थी। 15 अगस्त पर कार्यक्रम होना था। अचानक तेज आवाज सुनाई दी और देखते ही देखते हमार गांव चिशोती तबाह हो गया। कभी ऐसा मंजर नहीं देखा था। परिवार में दो दिन से किसी के घर चुल्हा नहीं जला था। पानी की आपूर्ति बंद, बिजली नहीं थी। मोबाइल टावर भी काम नहीं कर रहा है। यकीन नहीं हो रहा है यह हमारी गांव है, जो अब खंडर में बदल गया है।