लालचौक पर तिरंगा फहराने वाले जांबाज की सुनिए
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श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने वाले सचिन अमर के परिवार वालों को उस पर गर्व है। गांव के लोग भी सचिन के साहसिक कदम के बाद से उससे मिलने के लिए घर पहुंच रहे हैं।
सचिन का कहना है कि सरकार को चाहिए कि अलगाववादी नेताओं और उनके समर्थकों पर कार्रवाई करे, जो देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होते हैं और उसको बढ़ावा दे रहे, जिससे आए दिन माहौल खराब होता है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को लाल चौक पर सचिन अमर ने तिरंगा फहराया था। उस समय पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया गया था। बाद में विधानसभा अध्यक्ष कविंद्र गुप्ता के आदेश पर पुलिस ने उसे रिहा कर दिया था।
आईएस के झंडे फहराने से आहत था
मीरां साहिब कसबे के गांव बृज नगर निवासी सचिन ने अमर उजाला को बताया कि कश्मीर में पिछले काफी समय से पाकिस्तान के अलावा आइएसएस के झंडे लहराये जा रहे थे।
इससे वह आहत था। उसने बताया कि तीन माह से वह अपने एक सहयोगी के साथ लाल चौक के आसपास रुक कर तिरंगा फहराने का प्रयास कर रहा था। एम कर रहे सचिन का कहना है कि मातृभूमि का अपमान करने वालों को जवाब देना जरूरी है।
देश के युवाओं में इतनी शक्ति है कि वह देश विरोधी तत्वों का जवाब दे सकते हैं। सचिन के पिता अशोक शर्मा और माता वीरता शर्मा का कहना है कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है।
उन्होंने कहा कि सचिन ने लाल चौक पर तिरंगा फहराकर साबित किया है कि देश के युवा राष्ट्र हित में किसी भी हद तक जा सकते हैं।