अलगाववादी गिलानी ने बुलाया 'एंटी इंडिया सेमिनार'
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हर्रियत कांफ्रेंस (कट्टरपंथी) के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी ने 14 जून को श्रीनगर में एंटी इंडिया सेमिनार को बुलाया है। यह सेमिनार भारत सरकार के 'फासीवादी एजेंडा' के विरोध में बुलाया गया है।
सूत्रों के मुताबिक गिलानी ने इस सेमिनार में भारत के अलपसंख्यक समुदाय के लोगों को बुलाया है। इसके लिए सिख, इसाई समुदाय के धार्मिक और राजनितिक लोगों को निमंत्रण भेजा गया है।
इस सेमिनार में जिन शख्सियतों को आमंत्रित किया गया है उनमें अकाली दल के नेता सिमरनजीत सिंह मान, दल खालसा नेता कंवरपाल सिंह, मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा और ईसाई समुदाय के प्रतिनिधि होंगे।
क्या है इस सेमिनार को उद्देश्य
कश्मीर के स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक गिलानी के हवाले से जारी किए एक बयान में कहा गया है कि सेमिनार का उद्देश्य भारत की सांप्रदायिक ताकतों का कश्मीर क्षेत्र में 'कट्टरपंथी हिंदुत्व एंजेंडे' को रोकने है।
हुर्रियत नेता ने कहा, 'और इस उद्देश्य के लिए वे राज्य की शक्ति का उपयोग कर रहे हैं और सभी नैतिक और सांस्कृतिक सीमाओं का उल्लंघन कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण सेमिनार होगा जिसमें नामी विद्वान, बौद्धिक जगत के लोग, लेखक और कश्मीर के आजादी समर्थक नेता भी शिरकत करेंगे।'
इस सेमिनार का नाम 'हाउ टू रेसिस्ट द इंडियन स्टेट फासिज्म' रखा गया है। गिलानी को भारत विरोधी रैलियों और पाकिस्तानी झंडे के लहराने जैसी घटनाओं के लिए जाना जाता है,ये सब उनके लिए एक दिनचर्या बन गया है। हाल ही में गिलानी ने विदेश जाने के लिए पासपोर्ट में भारतीय होने का उल्लेख किया था।