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डूबते होटल उद्योग को बचाने के लिए सरकार से मदद की गुहार
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जम्मू। अगस्त, 2019 से वेंटिलेटर पर चल रहा जम्मू का होटल उद्योग कोरोना संकट के कारण बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इस महामारी से मार्च 2020 से होटल उद्योग ठप है। सरकार ने होटलों को खोलने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए थे। उम्मीद थी कि कारोबार पटरी पर लौटेगा, लेकिन विभिन्न परिस्थितियों और मुद्दों के कारण अधिकांश होटल अपने परिचालन को दोबारा से शुरू नहीं कर पाए हैं। जम्मू होटल्स, रेस्टोरेंट एंड बार एसोसिएशन (जेएचआरबीए) ने सरकार से डूबते होटल उद्योग को पटरी पर लाने के लिए मदद की गुहार लगाई है। जेएचआरबीए की बैठक में होटल उद्योग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। एसोसिएशन के प्रधान एवं होटल रमाडा जम्मू के प्रबंध निदेशक राजू चौधरी ने बैठक की अध्यक्षता करते कहा कि होटल व्यवसायियों को आश्चर्य तब हुआ जब कोरोना संकट के बीच जम्मू पहुंचने वाले हवाई यात्रियों को क्वारंटीन के लिए कटड़ा भेजा जा रहा है, जबकि जम्मू के होटल भी हवाई यात्रियों पर निर्भर रहे हैं। इससे होटल व्यवसायियों के लिए आर्थिक मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
एमएचए के दिशानिर्देश पर अधिकतम 50 लोगों की मौजूदगी में शादी समारोह किए जा सकते हैं, लेकिन व्यावहारिक रूप से जमीनी स्तर पर संवाद की कमी है और स्थानीय थाना व राजस्व अधिकारी होटल संचालकों को परेशान कर रहे हैं। होटलों में शराब और गैर-एल्कोहल पेय पदार्थों का भंडार पहले से ही समाप्त हो चुका है, इससे होटलों में आर्थिक संकट बढ़ा है। एसोसिएशन ने मांग की कि होटलों का दोबारा संचालन न होने तक होटल व्यवसायियों से न्यूनतम विद्युत शुल्क लिया जाना चाहिए। सरकार कटड़ा के होटलों को क्वारंटीन केंद्र के रूप में इस्तेमाल न करे और यात्रियों को जम्मू के होटलों में ठहराया जाए। इससे यात्रियों को असुविधा भी नहीं होगी, क्योंकि उन्हें जम्मू से कटड़ा और वापसी के लिए 60 किलोमीटर से अधिक का सफर तय करना पड़ रहा है।
हरियाणा और कर्नाटक की तर्ज पर मादक पेय पदार्थों के अलावा होटलों में होने वाले विवाह संबंधी कार्यों में मादक पेय पदार्थों की बिक्री की अनुमति दें। बैठक में एसोसिएशन के पदाधिकारियों में रतनदीप सिंह आनंद प्रबंध निदेशक होटल एशिया, चंद्र गुप्ता प्रबंध निदेशक होटल फॉर्च्यून इन रिवेरा जम्मू, विक्रम गुप्ता प्रबंध पार्टनर होटल रेडिसन ब्लू, चैतन्य चौधरी प्रबंध निदेशक होटल जोन वाई द पार्क, सिद्धांत चौधरी निदेशक होटल रमाडा जम्मू सिटी सेंटर और संजीव प्रभाकर प्रबंध निदेशक होटल अनुथम मौजूद रहे।
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एमएचए के दिशानिर्देश पर अधिकतम 50 लोगों की मौजूदगी में शादी समारोह किए जा सकते हैं, लेकिन व्यावहारिक रूप से जमीनी स्तर पर संवाद की कमी है और स्थानीय थाना व राजस्व अधिकारी होटल संचालकों को परेशान कर रहे हैं। होटलों में शराब और गैर-एल्कोहल पेय पदार्थों का भंडार पहले से ही समाप्त हो चुका है, इससे होटलों में आर्थिक संकट बढ़ा है। एसोसिएशन ने मांग की कि होटलों का दोबारा संचालन न होने तक होटल व्यवसायियों से न्यूनतम विद्युत शुल्क लिया जाना चाहिए। सरकार कटड़ा के होटलों को क्वारंटीन केंद्र के रूप में इस्तेमाल न करे और यात्रियों को जम्मू के होटलों में ठहराया जाए। इससे यात्रियों को असुविधा भी नहीं होगी, क्योंकि उन्हें जम्मू से कटड़ा और वापसी के लिए 60 किलोमीटर से अधिक का सफर तय करना पड़ रहा है।
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हरियाणा और कर्नाटक की तर्ज पर मादक पेय पदार्थों के अलावा होटलों में होने वाले विवाह संबंधी कार्यों में मादक पेय पदार्थों की बिक्री की अनुमति दें। बैठक में एसोसिएशन के पदाधिकारियों में रतनदीप सिंह आनंद प्रबंध निदेशक होटल एशिया, चंद्र गुप्ता प्रबंध निदेशक होटल फॉर्च्यून इन रिवेरा जम्मू, विक्रम गुप्ता प्रबंध पार्टनर होटल रेडिसन ब्लू, चैतन्य चौधरी प्रबंध निदेशक होटल जोन वाई द पार्क, सिद्धांत चौधरी निदेशक होटल रमाडा जम्मू सिटी सेंटर और संजीव प्रभाकर प्रबंध निदेशक होटल अनुथम मौजूद रहे।
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