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वैष्णो देवी: घोड़े, पिट्ठू और पालकी मजदूर हड़ताल पर, यात्रा के लिए नंबर सिस्टम शुरू करने का कर रहे विरोध

Tue, 23 Aug 2022 02:57 AM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, कटड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कटड़ा Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 23 Aug 2022 02:57 AM IST
सार

मजदूर नेता का कहना था कि प्रशासन चाहे पिट्ठू और पालकी का नंबर सिस्टम रखे, परंतु घोड़े का नंबर सिस्टम रखना जायज नहीं। क्योंकि, इसकी कोई गारंटी नहीं है कि घोड़ा चालक को तुरंत सवारी मिल सके। कई बार 2 से 3 घंटे तक भी इंतजार करना पड़ता है।

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Horse Pitthu and Palki workers on strike in Vaishno Devi protesting against starting number system for travel
वैष्णो देवी में माता के दर्शन करने के लिए लगी कतार। - फोटो : PTI

विस्तार

वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को ले जाने वाले घोड़ा, पिट्ठू और पालकी मजदूर सोमवार को प्रीपेड सिस्टम में नंबर सिस्टम लागू करने के विरोध में हड़ताल पर चले गए। इसके चलते मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को पैदल ही भवन की ओर प्रस्थान करना पड़ा। हड़ताल करने वाले मजदूरों का कहना है कि जब तक इस फैसले को वापस नहीं लिया जाता वे काम नहीं शुरू करेंगे।

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माता के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को व्यवस्थित सुविधा मुहैया कराने के लिए कुछ वर्षों पहले घोड़ा, पिट्ठू और पालकी की सेवा के लिए प्रीपेड सिस्टम लागू किया गया था। इस प्रणाली में कुछ कमियों के चलते यात्रियों को परेशानियां आ रहीं। वह घोड़ा, पिट्ठू और पालकी की सेवा के लिए खुद ही मजदूर से बात करते और काउंटर पर आकर प्रीपेड पर्ची कटवाते हैं। इसमें अधिकांश मजदूर यात्रियों से अधिक दाम वसूल रहे थे। श्राइन बोर्ड को इसकी लगातार शिकायतें मिल रही थीं। 
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श्राइन बोर्ड ने इस समस्या से निपटने के लिए प्रत्येक प्रीपेड काउंटर पर घोड़ा, पिट्ठू और पालकी के लिए हाल ही में नंबर सिस्टम शुरू कर दिया। सोमवार को इस व्यवस्था से नाराज मजदूरों ने काम बंद कर दिया। मजदूर नेता भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में मजदूरों ने एसडीएम कार्यालय में प्रदर्शन किया और एसडीएम से मांग की कि इस आदेश को वापस लिया जाए। 
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मजदूर नेता का कहना था कि प्रशासन चाहे पिट्ठू और पालकी का नंबर सिस्टम रखे, परंतु घोड़े का नंबर सिस्टम रखना जायज नहीं। क्योंकि, इसकी कोई गारंटी नहीं है कि घोड़ा चालक को तुरंत सवारी मिल सके। कई बार 2 से 3 घंटे तक भी इंतजार करना पड़ता है। इतनी देर तक मजदूर अपने घोड़े के साथ इंतजार नहीं कर सकता। अगर कोई मजदूर यात्री से अधिक दाम वसूलता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए, और उसका पहचान पत्र समाप्त किया जाए।


श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्थानीय प्रशासन ने श्राइन बोर्ड के साथ मिल कर यह फैसला लागू किया है। मजदूरों को भी कोई परेशानी न हो, इसको लेकर श्राइन बोर्ड अधिकारियों के साथ फिर से बात की जाएगी। -अंग्रेज सिंह , एसडीएम कटड़ा। 

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