लगातार आईएस के झंडे लहराने पर केंद्र सख्त, भेजेगा टीम
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घाटी में लगातार देश विरोधी गतिविधियों तथा आईएस एवं पाकिस्तान के झंडे लहराए जाने से चिंतित केंद्र अब और अधिक इस प्रकार की घटनाओं को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। अलगाववादियों और शरारती तत्वों से कड़ाई से निबटने की रणनीति बनाई जा रही है।
इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय घाटी में शीघ्र ही दो सदस्यीय टीम भेजेगा जो पूरी स्थिति की समीक्षा करने के बाद रिपोर्ट सौंपेगी। गृह मंत्रालय उच्च स्तरीय बैठक कर घाटी के हालात को सुधारने की दिशा में आवश्यक कदम उठाएगा।
सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्रालय की टीम घाटी का दौरा कर यह पता लगाएगी कि वास्तव में घाटी में आईएस की मौजूदगी है या फिर शरारती तत्व झंडे लहराकर अनावश्यक रूप से दहशत का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
इस महीने के आखिर तक टीम घाटी आ सकती
इसके साथ ही टीम देश विरोधी गतिविधियों में शामिल युवाओं को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाने की संभावनाएं तलाशेगा। अलगाववादियों की गतिविधियों तथा मददगारों की सूची भी तैयार की जाएगी।
इसके साथ ही विभिन्न घटनाओं का विस्तृत ब्योरा तथा दर्ज मामलों में क्या कार्रवाई हुई इसकी रिपोर्ट भी तैयार करेगी। सूत्रों ने बताया कि इस महीने के आखिर तक यह टीम घाटी आ सकती है। कहा जा रहा है कि अमरनाथ यात्रा के बाद इस मामले में केंद्र सख्त कदम उठा सकता है।
सख्ती से निबटेगी सरकार: डिप्टी सीएम
रियासत में गठबंधन सरकार बनने के बाद पिछले चार महीनों में अलगाववादियों की गतिविधियां बढ़ी हैं। इसके साथ ही आईएस और लश्कर के झंडे भी लहराए जाने लगे हैं। पाकिस्तानी झंडे लहराने के साथ ही देश विरोधी नारेबाजी भी बढ़ी है।
रियासत के डिप्टी सीएम डॉ. निर्मल कुमार सिंह का कहना है कि सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्ती से निबटेगी। शरारती तत्वों को चिह्नित करने को कहा गया है ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।