फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Hizbul trying to increase his network in kashmir

घाटी में अपनी ताकत बढ़ाने की कोशिश में जुटा हिजबुल

Thu, 17 Sep 2015 11:02 AM IST
Updated Thu, 17 Sep 2015 11:02 AM IST
विज्ञापन
Hizbul trying to increase his network in kashmir

अपने मंसूबों में लगातार मिल रही नाकामी से बौखलाए हिजबुल मुजाहिदीन ने कश्मीर में अपना वजूद बनाए रखने के लिए नए सिरे से कवायद शुरू की है। दो पाकिस्तानी आतंकी पकड़े जाने और उनसे मिली जानकारियों के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों ने लश्कर के नेटवर्क को जबरदस्त चोट पहुंचाई है।

विज्ञापन


लश्कर के मददगार और स्लीपर सेल स्लीपिंग मोड में आ जाने से हिजबुल को अपनी ताकत बढ़ाने का यह अच्छा मौका नजर आ रहा है। उसे ताकत बढ़ाने के साथ-साथ कयूम जैसे बागियों से भी निपटना है।
विज्ञापन


सैयद सलाहुद्दीन से अनबन होने के बाद हिजबुल कमांडर अब्दुल कयूम नजर द्वारा अलग आतंकी संगठन लश्कर-ए-इस्लाम बना लेने के बाद से दोनों के बीच जंग छिड़ गई है। पिछले दिनों घाटी में जिंदा पकड़े गए लश्कर आतंकी सज्जाद ने भी पूछताछ में खुलासा किया था कि कयूम के ग्रुप के खात्मे की उसे जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

गृह विभाग की रिपोर्ट में हिजबुल की सक्रियता का जिक्र

Hizbul trying to increase his network in kashmir

राज्य के गृह विभाग की हालिया रिपोर्ट में हिजबुल नेटवर्क की सक्रियता का जिक्र है। पाकिस्तान और हाफिज सईद की शह पर घाटी में लश्कर की दमदार उपस्थिति से हिजबुल को अपना नेटवर्क संचालित करने में दिक्कतें आ रही थीं।

अब नावेद और सज्जाद के पकड़े जाने के बाद एनआईए, सुरक्षा एजेंसियां लश्कर के नेटवर्क को तहस-नहस करने में जुट गईं। लश्कर का नेटवर्क ध्वस्त होता देखकर हिजबुल ने सक्रियता बढ़ाई।

पूर्व आतंकियों, युवाओं से संपर्क साधना शुरू कर दिया। उन्हें संगठन में शामिल कर आतंक के रास्ते पर चलने के लिए भड़काने के खुफिया एजेंसियों को इनपुट्स मिले हैं।

बेरोजगार युवाओं की हिज्ब भर्ती कर रहा है

Hizbul trying to increase his network in kashmir

डोडा से सरकारी हथियारों के साथ फरार दो पूर्व आतंकियों (मौजूदा एसपीओ) के भी हिजबुल में शामिल होने की खबर है। उनका अब तक पता नहीं चल पाया है। पहले भी वे हिज्ब के साथ जुड़े हुए थे। अब फिर से उनके कनेक्शन तलाशे जा रहे हैं।

घाटी के साथ-साथ डोडा, रामबन, किश्तवाड़ में भी यह आतंकी संगठन अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रहा है। घाटी में पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं की हिज्ब भर्ती भी कर रहा है।

उत्तरी कश्मीर के नौगाम सेक्टर में एलओसी पर नौ सितंबर को हुई गोलाबारी की जिम्मेदारी भी हिजबुल ने ली थी। हिजबुल प्रवक्ता बुरहानुद्दीन ने दावा किया था कि उसके बार्डर स्क्वायड के मुजाहिदीनों ने चौकियों पर हमला किया था। ऐसे हमले जारी रहेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed