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ऐतिहासिक स्टील ब्रिज की प्लेटें टूटने से वाहनों की आवाजाही बंद
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अखनूर। कस्बे में चिनाब दरिया पर स्थित ऐतिहासिक स्टील ब्रिज की मेन प्लेटें टूटने से पुल पर से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। प्लेटें टूटने की आवाज आने के तुरंत बाद ऐन मौके पर आवाजाही बंद करने से बड़ा हादसा टल गया। सोमवार को स्टील ब्रिज के ट्रैफिक को नए पुल की ओर डायवर्ट कर दिया गया, जिससे दिन के समय सात घंटे जाम लगा रहा। देर रात तक पुल पर मरम्मत कार्य पूरा नहीं हो पाया।
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब दस बजे पुल पर वाहनों की आवाजाही के बीच पुल के मध्य क्षेत्र से कुछ आवाजें आनी शुरू हो गईं। इस पर पुल के दोनों ओर तैनात पुलिस कर्मियों ने तुरंत वाहनों की आवाजाही रोक दी। बाद में जांच होने पर पता चला कि पुल की कुछ प्लेटें टूट गई हैं। समय रहते यातायात रोकने के कारण बड़ा हादसा टल गया। इसके बाद दोपहर को विशेष टीम ने पुल की मरम्मत का काम शुरू किया। देर रात तक यह टीम मरम्मत कार्य में लगी रही। उधर, अखनूर, खौड़ सहित राजौरी-पुंछ रूट के ज्यादातर वाहनों को नए पुल से डायवर्ट कर दिया गया। इससे शाम तक लंबा जाम रगा रहा। शार्टकट होने की वजह से ज्यादातर वाहन स्टील ब्रिज से गुजरते हैं। एसडीएम गोपाल सिंह ने बताया कि स्टील ब्रिज की प्लेटें टूटने पर वाहनों की आवाजाही बंद की गई थी। पुल की मरम्मत जारी है, इसकी पूरी जांच कराने के बाद वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू कर दी जाएगी।
महाराजा हरि सिंह ने बनवाया था स्ट्रील ब्रिज
जम्मू संभाग को चिनाब नदी के पार अखनूर, राजौरी-पुंछ से जोड़ने के लिए अखनूर में वर्ष 1932-34 में स्टील ब्रिज बनाया गया था। महाराजा हरि सिंह के शासनकाल में तैयार किए गए इस पुल का नाम भी महाराजा ने बेटे कर्ण सिंह के नाम से रखा था। पाकिस्तान के साथ 1971 के युद्ध के बाद सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पुल को बीआरओ के हवाले कर दिया गया। नब्बे के दशक में बाढ़ में यह पुल बह गया था, जिसे रेलवे की निर्माण कंपनी ने फिर तैयार किया।
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जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब दस बजे पुल पर वाहनों की आवाजाही के बीच पुल के मध्य क्षेत्र से कुछ आवाजें आनी शुरू हो गईं। इस पर पुल के दोनों ओर तैनात पुलिस कर्मियों ने तुरंत वाहनों की आवाजाही रोक दी। बाद में जांच होने पर पता चला कि पुल की कुछ प्लेटें टूट गई हैं। समय रहते यातायात रोकने के कारण बड़ा हादसा टल गया। इसके बाद दोपहर को विशेष टीम ने पुल की मरम्मत का काम शुरू किया। देर रात तक यह टीम मरम्मत कार्य में लगी रही। उधर, अखनूर, खौड़ सहित राजौरी-पुंछ रूट के ज्यादातर वाहनों को नए पुल से डायवर्ट कर दिया गया। इससे शाम तक लंबा जाम रगा रहा। शार्टकट होने की वजह से ज्यादातर वाहन स्टील ब्रिज से गुजरते हैं। एसडीएम गोपाल सिंह ने बताया कि स्टील ब्रिज की प्लेटें टूटने पर वाहनों की आवाजाही बंद की गई थी। पुल की मरम्मत जारी है, इसकी पूरी जांच कराने के बाद वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू कर दी जाएगी।
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महाराजा हरि सिंह ने बनवाया था स्ट्रील ब्रिज
जम्मू संभाग को चिनाब नदी के पार अखनूर, राजौरी-पुंछ से जोड़ने के लिए अखनूर में वर्ष 1932-34 में स्टील ब्रिज बनाया गया था। महाराजा हरि सिंह के शासनकाल में तैयार किए गए इस पुल का नाम भी महाराजा ने बेटे कर्ण सिंह के नाम से रखा था। पाकिस्तान के साथ 1971 के युद्ध के बाद सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पुल को बीआरओ के हवाले कर दिया गया। नब्बे के दशक में बाढ़ में यह पुल बह गया था, जिसे रेलवे की निर्माण कंपनी ने फिर तैयार किया।
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