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शिक्षक की कोरोना से मौत का मामला: प्रधानाचार्य और उप-प्रधानाचार्य के खिलाफ जांच पर हाईकोर्ट की रोक
Tue, 08 Jun 2021 03:15 PM IST
प्रशांत कुमार
जेएनएफ, जम्मू
जेएनएफ, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Tue, 08 Jun 2021 03:15 PM IST
सार
जज ने दलीलें सुनने के बाद कहा कि जांच रिपोर्ट के मौजूदा आधार से यह साबित नहीं होता कि अपीलकर्ता ने कोई अपराध किया है। लिहाज मामले में अगली सुनवाई तक जांच पर रोक रहेगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
प्रेजेंटेशन कॉन्वेंट स्कूल गांधी नगर जम्मू की प्रिंसपिल और वाइस प्रिंसिपल के खिलाफ दर्ज एफआईआर में जांच पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। आरोप है कि प्रिंसिपल की वजह से स्कूल की एक शिक्षक की कोरोना से मौत हो गई। सोमवार को जस्टिस संजय धार ने इस मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की और आदेश दिया कि मामले की जांच अगली सुनवाई तक रोकी जाए।
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9 मई को शिक्षक नीलू वरिंदर की मौत हो गई थी। एडीसी जम्मू के पास इसे लेकर कई शिकायतें पहुंचीं। इसके बाद जांच के आदेश दिए गए। जांच अधिकारी ने कई सबूत जुटाए। जांच में कहा गया कि प्रिंसिपल पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। इसके बाद एफआईआर दर्ज हो गई। कहा गया कि कोविड का उल्लंघन करने पर केस दर्ज हो और मामले की जांच हो।
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अपीलकर्ता के वकील आदर्श शर्मा ने कोर्ट में कहा कि जांच रिपोर्ट की सामग्री जिसे आक्षेपित प्राथमिकी में पुन: प्रस्तुत किया गया है, याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई आपराधिक अपराध नहीं है। मृतक शिक्षक को 24 अप्रैल के बाद स्कूल में कभी नहीं बुलाया गया। जबकि प्रशासन ने 27 अप्रैल के बाद आदेश दिया कि किसी शिक्षक को स्कूल में नहीं बुलाया जाए। स्कूल प्रबंधन ने किसी शिक्षक को स्कूल में आने के लिए मजबूर नहीं किया।
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जांच रिपोर्ट में याचिकाकर्ताओं के खिलाफ एकमात्र आरोप यह है कि स्टाफ के कुछ सदस्यों ने एक मुद्दा उठाया था कि उन्हें ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के बावजूद स्कूल में उपस्थित होने के लिए निर्देशित किया गया था। बाकी इसे लेकर कोई विवाद नहीं है।