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कश्मीर: अलगाववादियों के चुनाव बहिष्कार के एलान से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू
Updated Sat, 18 Mar 2017 11:38 AM IST
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घाटी में तैनात जवान
- फोटो : File Photo
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श्रीनगर तथा अनंतनाग लोकसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बीच अलगाववादियों तथा आतंकी तंजीमों की ओर से बहिष्कार को हवा दिए जाने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही एजेंसियां चुनाव को निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण कराने का ताना-बाना बुनने में जुटी हुई हैं। मतदान केंद्रों के आसपास त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाने की योजना है।
खासकर दक्षिणी कश्मीर में यहां हाल ही में कई आतंकी घटनाएं हुई हैं।अब केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि भी चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा हालात की समीक्षा के लिए इस सप्ताह दो दिवसीय दौरे पर श्रीनगर आ सकते हैं। कहा जा रहा है कि हाल की आतंकी घटनाओं तथा अलगाववादियों के रुख के चलते चुनाव को सकुशल संपन्न कराना प्रशासन के लिए चुनौती होगी।
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चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही एजेंसियां चुनाव को निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण कराने का ताना-बाना बुनने में जुटी हुई हैं। मतदान केंद्रों के आसपास त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाने की योजना है।
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खासकर दक्षिणी कश्मीर में यहां हाल ही में कई आतंकी घटनाएं हुई हैं।अब केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि भी चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा हालात की समीक्षा के लिए इस सप्ताह दो दिवसीय दौरे पर श्रीनगर आ सकते हैं। कहा जा रहा है कि हाल की आतंकी घटनाओं तथा अलगाववादियों के रुख के चलते चुनाव को सकुशल संपन्न कराना प्रशासन के लिए चुनौती होगी।
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उपचुनाव के लिए बन रहे नए समीकरण
kashmir
- फोटो : PTI
घाटी में दो संसदीय सीटों के उपचुनाव के लिए सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। पिछले कुछ हफ्तों में चढ़े सियासी पारे में अब नए समीकरण उभरने लगे हैं। सोमवार को पीडीपी की बैठक प्रस्तावित है। इसमें अनंतनाग सीट के लिए मुफ्ती मोहम्मद सईद के बेटे और महबूबा के भाई तसद्दुक हुसैन के नाम पर अनंतनाग सीट के लिए सहमति बन सकती है।
उधर, पीडीपी के खिलाफ कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस चुनाव पूर्ण का गठबंधन कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस और नेकां के बीच एक-एक सीट को लेकर गठबंधन हो सकता है। समझा जा रहा है श्रीनगर से नेकां अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला को इस गठबंधन का साझा उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
इसी तरह से नेकां अनंतनाग सीट कांग्रेस के लिए छोड़ सकती है। पीडीपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व सांसद तारिक हमीद कर्रा को पार्टी अनंतनाग सीट से मैदान में उतारने की तैयारी में है। चुनाव पूर्व गठबंधन पर मुहर लगती है तो दोनाें सीटों के लिए नेकां-कांग्रेस की रणनीति पीडीपी के लिए चुनौती बन सकती है।
27 लाख से अधिक वोटर
श्रीनगर और अनंतनाग लोकसभा उपचुनाव में 27 लाख से अधिक मतदाता वोट डालेंगे। इन दोनों लोकसभा सीट के लिए 73 हजार विस्थापित वोटर हैं, जिनके लिए जम्मू, उधमपुर तथा दिल्ली में विशेष मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। श्रीनगर और अनंतनाग के लिए 14 और 17 मार्च को अधिसूचना जारी होगी। अनंतनाग क्षेत्र में आने वाले जिलों पुलवामा, शोपियां, कुलगाम व अनंतनाग और श्रीनगर में आने वाले जिलों श्रीनगर, बडगाम और गांदरबल में आचार संहिता लागू हो गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी शांतमनु ने बताया कि चुनाव में अधिकाधिक भागीदारी हो, इसके लिए सभी प्रयास किए जाएंगे।
उधर, पीडीपी के खिलाफ कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस चुनाव पूर्ण का गठबंधन कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस और नेकां के बीच एक-एक सीट को लेकर गठबंधन हो सकता है। समझा जा रहा है श्रीनगर से नेकां अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला को इस गठबंधन का साझा उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
इसी तरह से नेकां अनंतनाग सीट कांग्रेस के लिए छोड़ सकती है। पीडीपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व सांसद तारिक हमीद कर्रा को पार्टी अनंतनाग सीट से मैदान में उतारने की तैयारी में है। चुनाव पूर्व गठबंधन पर मुहर लगती है तो दोनाें सीटों के लिए नेकां-कांग्रेस की रणनीति पीडीपी के लिए चुनौती बन सकती है।
27 लाख से अधिक वोटर
श्रीनगर और अनंतनाग लोकसभा उपचुनाव में 27 लाख से अधिक मतदाता वोट डालेंगे। इन दोनों लोकसभा सीट के लिए 73 हजार विस्थापित वोटर हैं, जिनके लिए जम्मू, उधमपुर तथा दिल्ली में विशेष मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। श्रीनगर और अनंतनाग के लिए 14 और 17 मार्च को अधिसूचना जारी होगी। अनंतनाग क्षेत्र में आने वाले जिलों पुलवामा, शोपियां, कुलगाम व अनंतनाग और श्रीनगर में आने वाले जिलों श्रीनगर, बडगाम और गांदरबल में आचार संहिता लागू हो गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी शांतमनु ने बताया कि चुनाव में अधिकाधिक भागीदारी हो, इसके लिए सभी प्रयास किए जाएंगे।