सीजफायर उल्लंघन: सीमा से सटे गांवों के आंगन में गिरे गोले, खौफ में गुजरी रात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घर छोड़ें तो मवेशियों को कहां ले जाएं। शिविरों में सुविधाएं कहां मिलेंगी। कैसे जीवनयापन हो सकेगा। उन्होंने मवेशियों को छोड़कर आखिर वह कहां जाएं। पाकिस्तानी रेंजरों ने अरनिया सेक्टर में सोमवार को दिन निकलने तक बीएसएफ की सात चौकियों समेत गांवों को निशाना बनाकर गोले बरसाए।
82 एमएम मोर्टार के गोले दागे
निकोयाल, तरेबा, सेई, चानना आदि गांवों में 82 एमएम मोर्टार के गोले दागे गए। एक कमरे में सोये गिरधारी लाल के घर के आंगन में गोला गिरा, जिसमें वह जख्मी हो गए। उनकी टांग में छर्रे लगे हैं। तरेबा की कृष्णा देवी के आंगन में भी गोला गिरा, उनके सिर में दो स्पिलंडर लगे हैं।
इस घर की पास मोर्टार के सात शेल गिरे। इनमें से छह खेतों में और एक गेट को पार करते हुए आंगन में गिरा। कृष्णा के घर को भी नुकसान हुआ है। अरनिया सेक्टर में 24 गांवों के खेतों में गोले गिरे हैं। गांव के लोग पूरी रात चौकन्ने रहे।