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Jammu News: कटने से पहले बिछा धान<bha>;</bha> नुकसान का सर्वे शुरू, 13 से फिर आंधी-बारिश का अनुमान

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Heavy rainfall problem
क्षेत्र में जोरदार बारिश और आंधी के चलते धान की फसल खेतों में गिरी
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15 से 20 दिनों में शुरू होनी थी कटाई, पैदावार में गिरावट की संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा/आरएस पुरा/अरनिया। क्षेत्र में सोमवार रात जोरदार बारिश और आंधी आने से धान की फसल और सब्जियों को बहुत नुकसान हुआ है। किसान इससे चिंतित हैं। कृषि विभाग ने नुकसान का जायजा लेने के लिए सर्वे शुरू किया है, जिसमें चार से पांच दिन लग सकते हैं। उधर, मौसम विभाग ने 13 अक्तूबर से फिर मौसम खराब होने की चेतावनी दी है।
कुछ दिनों से मौसम में गड़बड़ी बनी हुई थी। किसानों को डर था कि कभी भी बारिश हो सकती है। सोमवार रात को तेज बारिश के साथ चली आंधी से खेत में खड़ी धान की फसल औंधे मुंह गिर गई। अगले 15 से 20 दिनों में धान की कटाई शुरू होनी थी। लेकिन, फसल के गिर जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि धान की फसल खेतों में लेट जाने से पैदावार पर असर पड़ता है। जो फसल जमीन से लग जाती है, उसमें दाने नहीं बनते। किसानों के अनुसार बारिश और आंधी से पैदावार में करीब 30% तक गिरावट आएगी। आने वाले दिनों में अगर एक बारिश और हो जाती है, तो नुकसान और बड़ा होगा।
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सांबा में किसान राम पाल, ब्रिज कुमार, गोपाल दास, तिलक राज, आदि ने कहा कि उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है। बारिश व तेज हवाओं से धान की फसल लेट गई है। फसल में दाना बनना शुरू ही हुआ था कि तेज हवाओं ने फसल को ही नष्ट कर दिया है। इसी प्रकार के नुकसानों के कारण किसान खेती से मुंह मोड़ रहे हैं। जितना धन फसल पर खर्च किया जाता है, उतने के वापस आने की कोई गारंटी नहीं होती। सरकार की ओर से भी किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए कोई उचित कदम नहीं उठाया जा रहा। 60 से 70 प्रतिशत धान की फसल को नुकसान पहुंचा है।
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उधर, आरएस पुरा में 80 फीसदी परिवारों की जीविका खेती पर निर्भर है। इस बार किसानों को धान की पैदावार अच्छी होने की उम्मीद थी। लेकिन, बारिश का पानी सीधे उनके अरमानों को ही बहा ले गया। किसान रतन लाल का कहना है कि हवा से फसल खेतों में गिरने पर दाना ही नहीं बनेगा। इससे बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। अगर इसी प्रकार मौसम बना रहा तो मेहनत व्यर्थ ही जाएगी। जम्मू-कश्मीर किसान तहरीक के राज्य प्रधान किशोर कुमार ने खेतों में खड़ी फसल को नुकसान हाेने पर सरकार से राहत राशि मुहैया करवाने की मांग की है।
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सरकार को देना चाहिए नुकसान का मुआवजा

अरनिया के किसान जोगिंदर सिंह ने बताया कि बारिश से धान की फसल को 30% तक नुकसान हुआ है। अगर फसल की कटाई से पहले एक और बारिश हुई तो नुकसान बड़ा होगा। किसान लवली सिंह ने कहा कि इस बार धान की फसल की बंपर पैदावार होने के कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन, बारिश ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। सरकार को धान की फसल पर उचित मुआवजा देना चाहिए। हंसराज ने कहा कि किसान धान की फसल पर काफी पैसा खर्च करता है। अगर उसके अनुरूप पैदावार नहीं होती है, तो किसान कर्ज में दब जाता है। सरकार को नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। नरेश कुमार का कहना है कि चार साल पहले धान की फसल को पड़ी मार अभी तक किसान झेल रहा है। इस बार भी ऐसा हुआ तो सहन करना मुश्किल होगा।
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सब्जियों की पनीरी का हुआ बुरा हाल

जोरदार बारिश और आंधी से सब्जी की पनीरी को नुकसान हुआ है। इसके चलते किसानों को सब्जी उगाने की चिंता सताने लगी है। इस समय क्षेत्र में किसानों ने बड़े पैमाने पर गोभी की पनीरी लगाई हुई है। इसकी रोपाई कुछ ही दिनों में शुरू होनी थी, लेकिन जोरदार बारिश का गोभी की पनीरी पर बुरा असर पड़ा है। खेतों में लगाई मूली, पालक, कड़म, गोभी, आदि की फसल भी प्रभावित हुई है। किसानों ने बताया कि सब्जी की रोपाई के लिए लगाई पनीरी पर बारिश का बुरा प्रभाव पड़ा है। अब फसल लगाने में किसानों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। अगर पनीरी की पैदावार ठीक नहीं हुई, तो राज्य के बाहर से भी पनीरी मंगवानी पड़ सकती है। इसमें किसानों को ज्यादा खर्च उठाना पड़ेगा।

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72 घंटे में इस नंबर पर दें जानकारी

यदि फसल खराब हुई है तो टोल फ्री नंबर 18001035490 और 18001035499 पर जानकारी दे सकते हैं। शिकायत और जानकारी नुकसान के 72 घंटे के भीतर देनी होगी।
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विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर धान की फसल को हुए नुकसान की जानकारी जुटा रहे हैं। एक-दो दिन में विभाग के उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
- विजय चौधरी, कृषि विभाग अधिकारी, सांबा
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खेतों में तैयार खड़ी शरबती बासमती को नुकसान पहुंचा है। बासमती की फसल अभी तैयार नहीं हुई, लेकिन हवा से फसल गिरने पर दाना प्रभावित होगा। अगर आने वाले दिनों में मौसम बेहतर रहता है तो किसानों को राहत मिलेगी।
- गुलशन शर्मा, कृषि विभाग अधिकारी, आरएस पुरा
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