द कश्मीर फाइल्स: कश्मीरी हिंदुओं के हत्यारोपी बिट्टा कराटे मामले की सुनवाई 10 मई तक टली, कोर्ट पर लगी हैं सभी की निगाहें
वर्ष 1990 में सतीश टिक्कू की हत्या कर दी गई थी। उसका आरोप बिट्टा कराटे पर लगा था। इस मामले की सुनवाई 31 साल बाद फिर से शुरू हो रही है। कश्मीर के स्थानीय अदालत में आज इसकी सुनवाई होनी थी।
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कश्मीर पंडितों एवं अन्य लोगों का हत्यारोपी फारूक डार उर्फ बिट्टा कराटे मामले की सुनवाई 10 मई तक टाल दी गई है। कश्मीरी पंडित सतीश टिक्कू की हत्या के 31 साल बाद उनके परिजनों ने स्थानीय अदालत में आवेदन देकर दर्ज प्राथमिकी पर औपचारिक सुनवाई की मांग करते हुए आरोप पत्र दाखिल करने का आग्रह किया था। श्रीनगर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सतीश के भाई महाराजा कृष्ण टिक्कू की याचिका पर सुनवाई के लिए 16 अप्रैल की तारीख तय की थी। जेकेएलएफ नेता बिट्टा कराटे पर सतीश टिक्कू की हत्या का आरोप लगा था।
वर्ष 1990 में सतीश टिक्कू की हत्या कर दी गई थी
मालूम हो कि वर्ष 1990 में सतीश टिक्कू की हत्या कर दी गई थी। उसका आरोप बिट्टा कराटे पर लगा था। 1991 में एक टीवी चैनल पर साक्षात्कार के दौरान बिट्टा कराटे ने स्वीकार किया था कि उसने अपने दोस्त सतीश टिक्कू समेत दर्जनों कश्मीरी पंडितों को मार डाला, जिसके बाद कश्मीरी पंडितों ने घाटी से पलायन किया। हालांकि बाद में अपनी स्वीकारोक्ति से पलटते हुए बिट्टा ने कहा था कि उसने किसी को नहीं मारा और उसने टीवी चैनल पर दबाव में उक्त बयान दिया था।
जेल में बंद है बिट्टा
बिट्टा को वर्ष 2019 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकी फंडिंग के एक मामले में गिरफ्तार किया था। वह तबसे जेल में है। इससे पहले नवंबर 1990 और 2006 के बीच हत्या व अन्य विभिन्न आरोपों में लगभग 16 वर्षों तक जेल में रहा था। 2006 में टाडा अदालत ने उसके खिलाफ आरोप तय करने में अत्यधिक देरी के आधार पर जमानत दी थी।
'द कश्मीर फाइल्स' फिल्म में आतंकी बिट्टा की हैवानियत दिखाई गई
कश्मीरी पंडितों के नरसंहार में शामिल रहे इस आतंकी का असली नाम जावेद अहमद डार है। 'द कश्मीर फाइल्स' फिल्म में आतंकी बिट्टा की हैवानियत और लोगों को भड़काने वाला इंटरव्यू दिखाया गया है। उसने इंटरव्यू में बेखौफ होकर कश्मीरी हिंदुओं की हत्या की बात कबूली है। वह बताता है कि उसने करीब 20 लोगों को मौत के घाट उतारा। इसमें कश्मीर पंडित और मुसलमान भी शामिल हैं। वह बताता है कि उसने सबसे पहले सतीश कुमार टिक्कू को मारा, जोकि कश्मीरी पंडित परिवार से ताल्लुक रखता था।
बिट्टा कराटे को लेकर पूर्व डीजीपी ने किया था खुलासा
जम्मू-कश्मीर पुलिस के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कुछ दिन पहले कहा था कि आतंकी बिट्टा कराटे ने पुलिस की पूछताछ में 20 के करीब लोगों की हत्या की बात कबूली थी, लेकिन पुलिस के सामने यह किया गया कबूलनामा कोर्ट में मंजूर नहीं किया जाता। बाद में उसके खिलाफ किसी ने कोई गवाही नहीं दी। उन्होंने कहा था कि कश्मीर में आतंकवाद के लिए पाकिस्तान की आईएसआई द्वारा प्रशिक्षित 70 आतंकियों के पहले ग्रुप को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इसका किसी को पता नहीं था। उस वक्त राजनीतिक दबाव के चलते इन आतंकियों को रिहा करने का आदेश दिया गया। बाद में इन्हीं आतंकियों में से कई कश्मीर में आतंकी तंजीमों के सरगना बन गए