पहल : देश में पहली बार जम्मू में स्वास्थ्य प्रबंधन का कोर्स जून से, सर्वश्रेष्ठ पेशेवर तैयार होंगे
आईआईएम, एम्स जम्मू और आईआईटी मिलकर पढ़ाएंगे, पहले बैच में कैट से क्वालीफाई 60 उम्मीदवार होंगे।
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कोविड जैसी महामारी में स्वास्थ्य क्षेत्र में उच्च स्तर पर कुप्रबंधन के मामलों को देखते हुए अब स्वास्थ्य प्रबंधन में सर्वश्रेष्ठ पेशेवर तैयार किए जाएंगे। इस कड़ी में जम्मू में जून से दो साल का एमबीए, प्रोफेशनल मैनेजमेंट ऑफ हॉस्पिटल एंड हेल्थ केयर इंस्टीट्यूशन (एचए एंड एचएम) कोर्स प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है। इसमें कैट (कॉमन एडमिशन टेस्ट) से क्वालीफाई 60 उम्मीदवारों को पहले बैच में लिया जाएगा। इन उम्मीदवारों को आईआईएम जम्मू (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट), एम्स जम्मू (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, विजयपुर) और आईआईटी जम्मू (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) मिलकर पढ़ाएंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में देखा गया है कि प्रिंसिपल, चिकित्सा अधीक्षक, एचओडी, निदेशक आदि स्तर के अधिकारियों को वरिष्ठता के आधार पर तैनात किया जाता है। इनमें सभी अधिकारी विभिन्न स्पेशियलिटी से आए होते हैं, लेकिन उनमें औपचारिक प्रबंधन प्रशिक्षण की कमी रहती है। कोविड महामारी के दौरान देखा गया कि संसाधनों की कमी नहीं थी, लेकिन उच्च स्तर पर ऐसे प्रबंधन को कमजोर पाया गया, जिसके लिए भविष्य में स्वास्थ्य प्रबंधन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एचए एंड एचएम एमबीए कोर्स शुरू किया जा रहा है।
इसमें ऐसे लोगों को पेशेवर ढंग से तैयार किया जाएगा, जो वित्त, सप्लाई चैन, खरीद, लीडरशिप प्रबंधन के लिए तैयार किए जाएंगे, ताकि वे हर स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सक्षम हों। इस एमबीए कोर्स में आईआईएम 50 फीसदी, एम्स 40 फीसदी और आईआईटी जम्मू 10 फीसदी पढ़ाई कराएगा। इसमें सबसे पहले आईआईएम प्रबंधन मुद्दों पर प्रशिक्षण देगा, जिसमें मानव संसाधन प्रबंधन, सप्लाई चैन प्रबंधन, एलिमेंट्री प्रबंधन, वित्त प्रबंधन, ऑपरेशन आदि पढ़ाया जाएगा। इसके बाद एम्स जम्मू में अस्पताल कंपोनेंट में ओपीडी, रिकॉर्ड आदि की आठ माह पढ़ाई कराई जाएगी।
आखिर में आईआईटी में आर्टिफिशियल इंटेंलीजेंसी हेल्थ केयर, ब्लॉक चैन, उपकरण खरीद का मूल्यांकन आदि पढ़ाया जाएगा। इसमें उम्मीदवारों को प्रोफेशनल मैनेजमेंट ऑफ हॉस्पिटल एंड हेल्थ केयर इंस्टीट्यूशन के लिए तैयार किया जाएगा। अकादमिक वर्ष 2022-23 के लिए कैट क्वालीफाई उम्मीदवार 28 फरवरी तक कोर्स के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बता दें, प्रतिवर्ष कैट की परीक्षा रोटेशन स्तर पर देश के विभिन्न आईआईएम आयोजित करवाते हैं।
प्रतिवर्ष 40-50 लाख वेतन पा सकेंगे
एम्स विजयपुर के निदेशक डॉ. शक्ति गुप्ता ने बताया कि एमबीए कोर्स के लिए 13.50 लाख फीस रखी गई है, लेकिन यहां से निकलने वाले उम्मीदवार प्रतिवर्ष 40 -50 लाख रुपये तक वेतन पा सकेंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय से सिफारिश की जा रही है कि स्वास्थ्य क्षेत्रों में सभी उच्च पदों पर बैठने वाले लोगों के लिए यह कोर्स अनिवार्य किया जाए, ताकि स्वास्थ्य प्रबंधन को मजबूत और बेहतर बनाया जा सके। इससे पेशेवर लोगों द्वारा बेहतर लीडरशिप से निचले स्तर पर बेहतर परिणाममिलेंगे। एमबीए कोर्स के लिए दुनिया भर से संकाय उपलब्ध होगी, जिसमें भौतिक और ऑनलाइन कक्षाएं लगाई जाएंगी।