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स्वास्थ्य अभियान: डर और भ्रांतियों को पीछे छोड़ बेटियों में टीकाकरण के लिए जोश, बोलीं- टीके से होगा महामारी से बचाव
Tue, 29 Mar 2022 01:36 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Tue, 29 Mar 2022 01:36 PM IST
सार
शिक्षण संस्थान और स्वास्थ्य विभाग समन्वय के साथ टीकाकरण अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। इसमें अभिभावकों और बच्चों खास कर लड़कियों ने बेहतर रुझान दिखाया है।
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टीकाकरण।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
डर और भ्रांतियों को पीछे छोड़कर बेटियां कोविड से बचाव के लिए सुरक्षा का टीका लगवा रही हैं। लड़कियों में टीकाकरण से बचने और सुई लगने का डर भी खत्म हुआ है। प्रदेश में अब तक के टीकाकरण में 12-14 और 15-17 आयु वर्ग में लड़कियों ने लड़कों के बराबर टीकाकरण करवाया है। इसमें निजी और सरकारी संस्थान आगे रहे हैं। इन स्कूलों में स्वास्थ्य टीमें शेड्यूल के साथ प्रतिदिन लक्ष्य आबादी को कवर कर रही हैं। 15 से 17 आयु वर्ग में पहली खुराक में जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ और श्रीनगर को छोड़कर अन्य 18 जिलों में सौ फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिया गया है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी जम्मू डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि शिक्षण संस्थान और स्वास्थ्य विभाग समन्वय के साथ टीकाकरण अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। इसमें अभिभावकों और बच्चों खास कर लड़कियों ने बेहतर रुझान दिखाया है। स्कूलों और चिकित्सा केंद्रों में जारी टीकाकरण में स्थानीय बच्चों और किशोरों के अलावा अन्य क्षेत्रों से भी बच्चे पहुंच रहे हैं। जम्मू जिला में टीकाकरण के बेहतर परिणाम मिल रहे हैं, यहां कोविड संक्रमण का प्रसार लगभग खत्म हो चुका है।
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टीके से ही बचाव संभव
पहले टीका लगाने को लेकर मन में डर और भ्रांति थी, लेकिन पहली खुराक लेकर ऐसा कुछ नहीं दिखा। पूरी तरह से स्वस्थ हूं और खुद को कोविड वायरस से सुरक्षित देख रही हूं। कोविड टीके से महामारी से बचाव संभव है। - वंदना, छात्रा, सातवीं कक्षा
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न बुखार हुआ न टेंशन
कोविड टीके की पहली खुराक लेने से पहले कुछ झिझक थी कि कहीं यह रिएक्शन तो नहीं करेगा। कहीं बुखार और अन्य दूसरी शारीरिक या मानसिक समस्या तो नहीं होगी, लेकिन खुराक लेने के बाद सब ठीक है। गंभीर संक्रमित बीमारियों से लड़ने के लिए आत्मविश्वास बढ़ा है। - आरवी, छात्रा, आठवीं कक्षा, प्रेजेंटेशन कान्वेंट स्कूल
टीकाकरण से ही कोविड पर नियंत्रण
शिक्षकों ने बताया कि कोविड टीका लगाने से भविष्य में वायरस से लड़ने के लिए सुरक्षा मिलेगी। यह अब महसूस भी हो रहा है। साबित हो गया है कि टीकाकरण से ही कोविड पर नियंत्रण पाया जा सका है। बच्चे भी इस दिशा में और मजबूत हुए हैं। टीका लगा कर सुरक्षित हूं। अप्रैल में नए सत्र से पढ़ाई शुरू करेंगे। - टीना, छात्रा, सातवीं कक्षा
टीकाकरण से देश को मजबूती मिली
आज बेटियां हर क्षेत्र में आगे हैं तो टीकाकरण मैं कैसे पीछे रहतीं। बिना किसी डर और भ्रांति के कोविड खुराक लेनी चाहिए। यही हमारी सुरक्षा को और मजबूत बनाएगी। टीकाकरण से समाज मजबूत होगा और देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ पाएगा। - निहारिका राजपूत, छात्रा, बीसीए
दूसरी खुराक को लेकर उत्साह
कोविड टीके की खुराक लेने से मन में सारी भ्रांतियां दूर हो गई हैं। अब उन्हें किसी बात का डर नहीं लग रहा है। वह टीके की दूसरी खुराक लेने के लिए काफी उत्साहित हैं। - श्रुति वर्मा, छात्रा बीसीए
अभिभावकों के साथ शिक्षकों ने प्रेरित किया
परिवार के साथ-साथ शिक्षकों ने टीके की खुराक लेने के लिए प्रेरित किया। हालांकि वह पहले से ही इसके लिए खुद को तैयार कर चुकी थीं। - श्रुति शर्मा, छात्रा, बीसीए
जम्मू कश्मीर में टीकाकरण
आयु वर्ग अनुमानित आबादी पहली खुराक प्रतिशत
- 12-14 599700 220545 37 प्रतिशत
- 15-17 833000 855643 103 प्रतिशत
दूसरी खुराक
- 15-17 833000 648322 78 प्रतिशत