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Jammu News: मंदिरों में हनुमान जयंती की धूम, सुबह से शाम तक चले धार्मिक कार्यक्रम
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर के विभिन्न मंदिरों में हनुमान जयंती धार्मिक रीति-रिवाज के साथ धूमधाम के साथ मनाई गई। इस दौरान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना हुई और हनुमान जी को लड्डुओं का भोग लगाया गया। बीसी रोड स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की गई। इसके साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया गया।
पंचमुखी हनुमान मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पवन शास्त्री ने भगवान हनुमान की महिमा को बयां किया। उन्होंने कहा कि हनुमान जी शक्तिशाली, अपराजेय व संकटमोचन हैं। प्रभु के चरित्र की सबसे बड़ी विशेषता उनका शक्तिमान होना ही नहीं, बल्कि ज्ञान के साथ गुणों का भी सागर होना है। इस दौरान काफी संख्या में भक्त आरती में शामिल हुए। पुराने शहर के मोती बाजार में भी हनुमान जयंती मनाई गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान का आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे। महाबली हनुमान का जन्मोत्सव वर्ष में दो बार मनाया जाता है। पहला हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल की पूर्णिमा तिथि पर और दूसरा कार्तिक कृष्ण की चतुर्दशी पर। कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर ही नरक चतुर्दशी और छोटी दिवाली भी मनाई जाती है।
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जम्मू। शहर के विभिन्न मंदिरों में हनुमान जयंती धार्मिक रीति-रिवाज के साथ धूमधाम के साथ मनाई गई। इस दौरान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना हुई और हनुमान जी को लड्डुओं का भोग लगाया गया। बीसी रोड स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की गई। इसके साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया गया।
पंचमुखी हनुमान मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पवन शास्त्री ने भगवान हनुमान की महिमा को बयां किया। उन्होंने कहा कि हनुमान जी शक्तिशाली, अपराजेय व संकटमोचन हैं। प्रभु के चरित्र की सबसे बड़ी विशेषता उनका शक्तिमान होना ही नहीं, बल्कि ज्ञान के साथ गुणों का भी सागर होना है। इस दौरान काफी संख्या में भक्त आरती में शामिल हुए। पुराने शहर के मोती बाजार में भी हनुमान जयंती मनाई गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान का आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे। महाबली हनुमान का जन्मोत्सव वर्ष में दो बार मनाया जाता है। पहला हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल की पूर्णिमा तिथि पर और दूसरा कार्तिक कृष्ण की चतुर्दशी पर। कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर ही नरक चतुर्दशी और छोटी दिवाली भी मनाई जाती है।
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