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लद्दाख में तनाव के बीच एलएसी पर सूर्यग्रहण को करीब से देखेगा ‘हनले’
Sun, 21 Jun 2020 02:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा
ओमपाल संब्याल, जम्मू
ओमपाल संब्याल, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 21 Jun 2020 02:15 AM IST
सार
- चीन सीमा से कुछ ही किलोमीटर दूर है दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जर्वेटरी
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ऑब्जर्वेटरी हनले
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लद्दाख में तनाव के बीच एलएसी से सटा हनले गांव रविवार को सूर्यग्रहण की खगोलीय घटना को अन्य क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा साफ और करीब से देखेगा।
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एलएसी से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित इंडियन एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जर्वेटरी हनले में विशेष टेलीस्कोप से सूर्यग्रहण को रिकॉर्ड किया जाएगा।
खास बात है कि समुद्रतल से 4500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हनले ऑब्जर्वेटरी ऑप्टिकल, इंफ्रारेड और गामा रे टेलीस्कोप की दुनिया में सबसे ऊंची ऑब्जर्वेटरियों में से एक है।
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शनिवार को ऑब्जर्वेटरी पर तैनात एस्ट्रोफिजिक्स इंजीनियर और अन्य स्टाफ सदस्य दिन भर सूर्यग्रहण को लेकर तैयारियों में जुटे रहे। ऑब्जर्वेटरी के इंजीनियर दोरजे अंगचुक के अनुसार शनिवार को टेलीस्कोप की तैयारियां पूरी कर ली गईं।
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उल्लेखनीय है कि हनले ऑब्जर्वेटरी को वर्ष 2001 में स्थापित किया गया था। इसे इंडियन इंस्टीट्यूट आफ एस्ट्रोफिजिक्स बंगलूरू द्वारा संचालित किया जाता है। समुद्रतल से अत्यधिक ऊंचाई के चलते यहां से खगोलीय घटनाओं के ज्यादा बेहतर आंकड़े जुटाए जाते हैं।