राहत: जच्चा बच्चा अस्पताल में गायनी ओपीडी हुई शुरू, इंडोर भर्ती के साथ सिजेरियन की सुविधा भी मिलेगी
गायनी ओपीडी और अन्य चिकित्सा देखभाल के लिए एसएमजीएस अस्पताल से एक यूनिट स्थापित की गई है। इसमें पीजी, रजिस्ट्रार, सलाहकार और वरिष्ठ सलाहकार भर्ती और सामान्य प्रसव सिजेरियन के मामले देखे जाएंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एमसीएच (जच्चा बच्चा) अस्पताल गांधीनगर में वीरवार से गायनी ओपीडी शुरू की जा रही है। यह दो सौ बिस्तर वाला अस्पताल जच्चा बच्चा बेहतर चिकित्सा देखभाल सुविधाओं के उद्देश्य से बनाया गया था। लेकिन, अस्पताल के निर्माण के साथ ही कोविड की पहली लहर शुरू हो गई, जिसके बाद यह लगातार कोविड अस्पताल के रूप में काम करता रहा। अब कोविड की तीसरी लहर के धीमा पड़ने पर इसे अब गैर कोविड मरीजों की चिकित्सा देखभाल के लिए शुरू कर दिया गया है। मरीजों को ओपीडी के साथ इंडोर भर्ती और सामान्य प्रसव के सिजेरियन की सुविधा दी जाएगी।
गायनी ओपीडी और अन्य चिकित्सा देखभाल के लिए एसएमजीएस अस्पताल से एक यूनिट स्थापित की गई है। इसमें पीजी, रजिस्ट्रार, सलाहकार और वरिष्ठ सलाहकार भर्ती और सामान्य प्रसव सिजेरियन के मामले देखेंगे। वर्तमान में कुछ बाल रोगियों को उपचार दिया जा रहा है। ओपीडी में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक सेवाएं दी जाएंगी। एमसीएच में गायनी ओपीडी शुरू होने से एसएमजीएस अस्पताल पर मरीजों का लोड कम होगा। वर्तमान में इसी अस्पताल पर प्रमुख तौर पर स्त्री और बाल रोगियों को उपचार दिया जा रहा है। एमसीएच में ओपीडी सुविधा शुरू होने से गांधीनगर और आसपास के क्षेत्र के हजारों मरीजों को लाभ मिलेगा। गायनी ओपीडी के बाद जल्द बाल ओपीडी भी शुरू करने की तैयारी की जा रही है। अस्पताल में मौजूदा कोविड और गैर कोविड मरीजों को उपचार देने के लिए प्रावधान किया गया है। अस्पताल में चार थियेटर स्थापित हैं, जिसमें दोनों श्रेणी के मरीजों के लिए आधे थियेटर रखे गए हैं। हालांकि वर्तमान में अस्पताल में कोई भी कोविड संक्रमित मरीज भर्ती नहीं है।