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हजारों संगत ने गुरुद्वारे में हाजिरी लगा कर प्राप्त किया आशीर्वाद
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जम्मू। डिग्याना आश्रम जम्मू में गुरु गोबिदं सिंह जी महाराज का 355वां प्रकाशोत्सव रविवार को धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में संगत ने हाजिरी लगा कर गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया। यह कार्यक्रम श्रीमोनी डेरा नंगली साहिब पुंछ के महंत मंजीत सिंह की देखरेख में हुआ। सुबह से संगत का गुरुद्वारे में पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ था, जो दर शाम तक चला।
इस दौरान लुधियाना के रागी जत्थे ज्ञानी सुखदेव सिंह, अमृतसर साहिब से प्रचारक डॉ. गुरप्रीत सिंह, जम्मू से प्रचारक भाई हरविंदर सिंह, रागी जत्था डिग्याना आश्रम ज्ञानी बचन सिंह, ज्ञानी दलजीत सिंह, ज्ञानी रणजीत सिंह ने शबद कीर्तन किया। इसके साथ ही गुरु गोबिंद सिंह जी के बलिदान पर प्रकाश डाला। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना, कांग्रेस प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला, पूर्व उपमुख्य मंत्री कविंद्र गुप्ता आदि ने हाजिरी लगाई। सिख संगत ने चार साहिबजादों की याद में 26 दिसंबर को बाल बीर दिवस की घोषणा करने के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया। एसएसी-एसटी की तर्ज पर शरणार्थी के बेरोजगार युवाओं के लिए आरक्षण, पंजाबी भाषा को अधिकारिक भाषा का दर्जा देने, विधानसभा में आठ और लोकसभा में दो सीटें सिखों के लिए आरक्षित करने और उपराज्यपाल के सलाहकार के रूप में सिख समुदय के व्यक्ति को नियुक्त करने की मांग उठाई।
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इस दौरान लुधियाना के रागी जत्थे ज्ञानी सुखदेव सिंह, अमृतसर साहिब से प्रचारक डॉ. गुरप्रीत सिंह, जम्मू से प्रचारक भाई हरविंदर सिंह, रागी जत्था डिग्याना आश्रम ज्ञानी बचन सिंह, ज्ञानी दलजीत सिंह, ज्ञानी रणजीत सिंह ने शबद कीर्तन किया। इसके साथ ही गुरु गोबिंद सिंह जी के बलिदान पर प्रकाश डाला। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना, कांग्रेस प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला, पूर्व उपमुख्य मंत्री कविंद्र गुप्ता आदि ने हाजिरी लगाई। सिख संगत ने चार साहिबजादों की याद में 26 दिसंबर को बाल बीर दिवस की घोषणा करने के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया। एसएसी-एसटी की तर्ज पर शरणार्थी के बेरोजगार युवाओं के लिए आरक्षण, पंजाबी भाषा को अधिकारिक भाषा का दर्जा देने, विधानसभा में आठ और लोकसभा में दो सीटें सिखों के लिए आरक्षित करने और उपराज्यपाल के सलाहकार के रूप में सिख समुदय के व्यक्ति को नियुक्त करने की मांग उठाई।
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