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Jammu News: वैज्ञानिक आदान-प्रदान व भविष्य की शैक्षणिक उपलब्धियों का केंद्र बनेगा गुलमर्ग
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- गुलमर्ग विश्व विज्ञान चुंबक घोषित, एसएसएम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के बैनर तले कार्यक्रम आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। गुलमर्ग शहर में इस बार विज्ञान की गूंज सुनाई दी। नवनिर्मित गुलमर्ग कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को विश्व विज्ञान दिवस 2025 का दूसरा संस्करण धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान गुलमर्ग को आधिकारिक रूप से विश्व विज्ञान चुंबक घोषित किया गया। यह क्षेत्र अब वैज्ञानिक आदान-प्रदान व भविष्य की शैक्षणिक उपलब्धियों का केंद्र बनेगा।
आयोजन का नेतृत्व अलुम्नाई एंड इंटरनेशनल अफेयर्स एवं पूर्व विभागाध्यक्ष, भौतिकी विभाग एनआईटी श्रीनगर के डीन प्रोफेसर एमए शाह ने किया। कार्यक्रम एसएसएम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के बैनर तले कराया गया। इसमें बारामुला और टंगमर्ग के सरकारी डिग्री कॉलेजों के साथ-साथ कई निजी संस्थानों ने सहयोग दिया। मुख्य अतिथि गुलमर्ग के विधायक और पूर्व शिक्षा सचिव फारूक अहमद शाह रहे।
उन्होंने ने जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट, तकनीकी नवाचार और सतत पर्यटन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने घोषणा की कि विश्व विज्ञान दिवस को अब हर साल गुलमर्ग में आयोजित किया जाएगा। गुलमर्ग डेवलपमेंट अथॉरिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने विकास योजनाओं में स्थिरता और वैज्ञानिक दूरदर्शिता की जरूरत पर प्रकाश डाला। उन्होंने भविष्य में ज्ञान-आधारित पहल को संस्थागत सहयोग देने का आश्वासन दिया।
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मुख्य वक्तव्य में प्रोफेसर शाह ने विज्ञान के दैनिक जीवन में एकीकृत भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच जैसे विषयों को छुआ। वैज्ञानिक साक्षरता को बढ़ाने और नवाचार को प्रेरित करने के लिए सहयोगी प्रयासों की अपील करते हुए उन्होंने गुलमर्ग को आधिकारिक रूप से विश्व विज्ञान चुंबक घोषित किया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अब वैज्ञानिक आदान-प्रदान और भविष्य की शैक्षणिक उपलब्धियों का केंद्र बनेगा।
समापन सत्र में विश्व विज्ञान दिवस सीरीज के सह-अध्यक्ष एवं बेंगलुरु के पूर्व प्रोफेसर प्रो. गोपालकृष्णन ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने घाटी के छात्रों के लिए अंतरिक्ष एवं सैटेलाइट रिसर्च कार्यक्रमों में इंटर्नशिप के अवसरों की घोषणा की। कार्यक्रम का संचालन टंगमर्ग के जोनल एजुकेशन ऑफिसर अलहक मसूदी ने किया।
इस दौरान एनआईटी श्रीनगर ने स्पेस साइंस क्विज का भी आयोजन किया। विश्व विज्ञान दिवस का गुलमर्ग में आयोजन यह संदेश देता है कि विज्ञान समुदायों को जोड़ने और प्रगति को प्रेरित करने की शक्ति रखता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। गुलमर्ग शहर में इस बार विज्ञान की गूंज सुनाई दी। नवनिर्मित गुलमर्ग कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को विश्व विज्ञान दिवस 2025 का दूसरा संस्करण धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान गुलमर्ग को आधिकारिक रूप से विश्व विज्ञान चुंबक घोषित किया गया। यह क्षेत्र अब वैज्ञानिक आदान-प्रदान व भविष्य की शैक्षणिक उपलब्धियों का केंद्र बनेगा।
आयोजन का नेतृत्व अलुम्नाई एंड इंटरनेशनल अफेयर्स एवं पूर्व विभागाध्यक्ष, भौतिकी विभाग एनआईटी श्रीनगर के डीन प्रोफेसर एमए शाह ने किया। कार्यक्रम एसएसएम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के बैनर तले कराया गया। इसमें बारामुला और टंगमर्ग के सरकारी डिग्री कॉलेजों के साथ-साथ कई निजी संस्थानों ने सहयोग दिया। मुख्य अतिथि गुलमर्ग के विधायक और पूर्व शिक्षा सचिव फारूक अहमद शाह रहे।
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उन्होंने ने जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट, तकनीकी नवाचार और सतत पर्यटन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने घोषणा की कि विश्व विज्ञान दिवस को अब हर साल गुलमर्ग में आयोजित किया जाएगा। गुलमर्ग डेवलपमेंट अथॉरिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने विकास योजनाओं में स्थिरता और वैज्ञानिक दूरदर्शिता की जरूरत पर प्रकाश डाला। उन्होंने भविष्य में ज्ञान-आधारित पहल को संस्थागत सहयोग देने का आश्वासन दिया।
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मुख्य वक्तव्य में प्रोफेसर शाह ने विज्ञान के दैनिक जीवन में एकीकृत भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच जैसे विषयों को छुआ। वैज्ञानिक साक्षरता को बढ़ाने और नवाचार को प्रेरित करने के लिए सहयोगी प्रयासों की अपील करते हुए उन्होंने गुलमर्ग को आधिकारिक रूप से विश्व विज्ञान चुंबक घोषित किया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अब वैज्ञानिक आदान-प्रदान और भविष्य की शैक्षणिक उपलब्धियों का केंद्र बनेगा।
समापन सत्र में विश्व विज्ञान दिवस सीरीज के सह-अध्यक्ष एवं बेंगलुरु के पूर्व प्रोफेसर प्रो. गोपालकृष्णन ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने घाटी के छात्रों के लिए अंतरिक्ष एवं सैटेलाइट रिसर्च कार्यक्रमों में इंटर्नशिप के अवसरों की घोषणा की। कार्यक्रम का संचालन टंगमर्ग के जोनल एजुकेशन ऑफिसर अलहक मसूदी ने किया।
इस दौरान एनआईटी श्रीनगर ने स्पेस साइंस क्विज का भी आयोजन किया। विश्व विज्ञान दिवस का गुलमर्ग में आयोजन यह संदेश देता है कि विज्ञान समुदायों को जोड़ने और प्रगति को प्रेरित करने की शक्ति रखता है।