फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   GST in getting support in jammu opposed in kashmir

सरकार के लिए भारी असमंजस: जीएसटी का जम्मू में समर्थन, कश्मीर में विरोध

Sun, 02 Jul 2017 06:34 PM IST
बृजेश कुमार सिंह,अमर उजाला/जम्मू
बृजेश कुमार सिंह,अमर उजाला/जम्मू Updated Sun, 02 Jul 2017 06:34 PM IST
विज्ञापन
GST in getting support in jammu opposed in kashmir
MEHBOOBA MUFTI - फोटो : PTI

एक देश-एक टैक्स यानी जीएसटी पर अब जम्मू बनाम कश्मीर की लड़ाई है। जम्मू की अवाम और पार्टियां जीएसटी के हक में हैं तो कश्मीर आधारित पार्टियां और वहां के कारोबारी विरोध में। जीएसटी के विरोध में शनिवार को कश्मीर में कारोबार बंद रहा, जबकि जम्मू के कारोबारियों ने सड़क पर उतरकर जीएसटी के पक्ष में आवाज बुलंद की।

विज्ञापन


दरअसल अलगाववादियों, कश्मीर के कारोबारियों तथा नेकां-कांग्रेस के दबाव में राज्य सरकार ने झुकते हुए इसे समय से लागू नहीं किया। ऐसा कर पीडीपी ने अपने गठबंधन सहयोगी भाजपा को झटका तो दिया ही, साथ ही विरोधियों को भी सिर उठाने का मौका नहीं दिया। 
विज्ञापन


एक जुलाई से जीएसटी को लागू करने के लिए भाजपा ने एड़ी चोटी का जोर लगा रखा था। केंद्र से लेकर राज्य सरकार के मंत्री इस मुद्दे पर लगातार मुख्यमंत्री तथा राज्य के वित्त मंत्री से बात करते रहे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

GST in getting support in jammu opposed in kashmir
MEHBOOBA MUFTI - फोटो : file photo

जम्मू के कारोबारियों, सामाजिक संगठनों, औद्योगिक संगठन, चैंबर सबने मुख्यमंत्री तथा उप मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जीएसटी लागू न होने से इसके नुकसान के बारे में बताते हुए देश के साथ रियासत को भी जोड़ने की पुरजोर वकालत की। उधर, कश्मीर इस मुद्दे पर सुलग उठा।

अलगाववादी जीएसटी से राज्य के विशेष दर्जे को खतरा बताते हुए विरोध में उठ खड़े हुए। नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) तथा कांग्रेस ने भी राज्य की वित्तीय स्वायत्तता को खतरा बताते हुए इसमें संशोधन की मांग की। दरअसल नेकां का कश्मीर में ही वजूद है।

इस वजह से वह अपने को आम कश्मीरियों के बीच स्थापित किए रखने के लिए विरोध का झंडा बुलंद करती रही। आम सहमति के लिए बुलाई गई सर्वदलीय बैठकों में भी विरोध का सिलसिला शुरू हुआ। 

4 जुलाई से फिर विधानसभा का विशेष सत्र

GST in getting support in jammu opposed in kashmir
सीएम महबूबा मुफ्ती - फोटो : File Photo
जीएसटी पर चर्चा के लिए 17 जून से चार दिन का विधानसभा का विशेष सत्र आहूत किया गया था, लेकिन विपक्ष की मांग पर सर्वदलीय सलाहकार ग्रुप का गठन कर बैठक अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई। ग्रुप की दो बैठकें हुईं, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। अब फिर से राज्य सरकार ने चार जुलाई से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है।

यहां भी महाभारत होना तय है। विपक्षी नेकां तथा कांग्रेस इसके खिलाफ रहेगी। वह जीएसटी में संशोधन की मांग करेगी। हालांकि, सदन में पीडीपी-भाजपा का बहुमत होने से जीएसटी बिल पास होने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन सदन में भी इस मुद्दे पर लड़ाई जारी रहेगी। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed