वाहनों की मूवमेंट पर जीपीएस की नजर
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सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों पर अब खास तौर से नजर रहेगी। सब कुछ ठीक ठाक रहा, तो नये साल में चार पहिया वाहनों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम(जीपीएस) सिस्टम लागू हो जाएगा। इसके लिए परिवहन विभाग ने होमवर्क शुरू कर दिया है। अगले कुछ दिनों में इसका टेंडर कर दिया जाएगा।
इस सिस्टम को वाहनों में लगाना अनिवार्य होगा। इसके तहत वाहन की मौजूदा स्थिति पर नजर रखी जा सकेगी। परिवहन विभाग के संयुक्त सचिव, जीए सोफी ने बताया कि इस सिस्टम को लागू करने के लिए लगभग काम कर लिया गया है। कुछ दिनों में टेंडर कर दिए जाएंगे। नये साल में इस सिस्टम को लागू करने की योजना है।
इसके लिए दो कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। एक पुलिस विभाग के पास बनेगा, जबकि दूसरा परिवहन विभाग के पास। दोनों कंट्रोल रूम के जरिये वाहनों पर नजर रखी जाएगी।
कैसे काम करेगा जीपीएस सिस्टम
ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम(जीपीएस) वाहनों की मूवमेंट पर नजर रखता है। यह छोटा-सा इलेक्ट्रॉनिक तंत्र होगा, जो वाहनों में किसी एक जगह लगाया जाएगा। उसका रजिस्ट्रेशन नंबर कंट्रोल रूम के पास होगा, जहां तैनात कर्मी उसको कंप्यूटर में फीड कर लेंगे।
यदि कोई वाहन चालक एक्सीडेंट के बाद भागने की कोशिश करेगा तो उसकी लोकेशन इस सिस्टम के जरिये पता चल जाएगी और उस वाहन को आसानी से पकड़ लिया जाएगा।
जीपीएस से क्या होगा लाभ
जो वाहन चालक बेखौफ तेज गति में चलते हैं और हादसे के बाद भाग निकलने में सफल होते हैं, उन्हें पकड़ने में सिस्टम से काफी मदद मिलेगी। अगर कोई वाहन चोरी करके भागता है, तो उसकी लोकेशन भी पता चल जाएगी। यात्री वाहनों में इसका इस्तेमाल अधिक कारगर साबित होगा।
यदि कोई वाहन तेज गति में चल रहा हो, तो कंट्रोल रूम में कॉल करना होगा और वाहन का नंबर बताना होगा। इसके बाद विभाग के कर्मी अगले नाके पर उस नंबर वाले वाहन को रोक लेंगे। परिवहन विभाग के अनुसार वह सभी आटो मोबाइल कंपनियों से संपर्क करेगा और वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाकर ही वाहन जारी करने को निर्देश देगा।