'पावर सेक्टर में देश-विदेश से लाएंगे निवेश'
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करोड़ों रुपये के घाटे में चल रहे पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट (पीडीडी) के उत्थान के लिए सरकार निजी निवेश लाएगी। बिजली महकमे के प्रभारी और उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह ने विधानसभा में ‘कट मोशन’ के दौरान कहा कि पीडीडी 40 हजार करोड़ के घाटे में चल रहा है।
उसे वापस पटरी पर लाने और रियासत में 20 हजार मेगावाट बिजली पैदा करने के लिए देश के अलावा विदेश से भी निजी निवेश लाया जाएगा। डुलहस्ती और उड़ी पावर प्रोजेक्ट को केंद्र से वापस लेने के संबंध में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इसके लिए कटिबद्ध है। केंद्र सरकार से इस संबंध में बातचीत चल रही है।
केंद्र ने एनएचपीसी से बातचीत करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि गंठबंधन सरकार रियासत को बिजली में आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। जम्मू-कश्मीर को केंद्र से मिले कोल ब्लाक के संबंध में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने मध्य प्रदेश में कोल ब्लाक मुहैया करवाने की बात की है।
दूसरे राज्यों में भी करेंगे उत्पादन
इसके अलावा ओडिसा और झारखंड में भी कोल ब्लाक का प्रस्ताव है। सरकार की कोशिश है कि वहां से कोल रियासत में लाने की बजाय उसी राज्य में पावर उत्पादन का प्रोजेक्ट बनाएगी, ताकि कम लागत पर बिजली पैदा की जा सके। इसके अलावा रियासत में सर्वे करवा कर माइक्रो हाइडल की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है।
रियासत में छोटे-छोटे माइक्रो पावर प्रोजेक्ट लाने की योजना है, जिसमें रियासत के युवा उद्यमिता को शामिल किया जाएगा। पीडीडी की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के उद्देश्य से सरकार एक ‘ट्रांसफार्मर बैंक’ का गठन करेगी, ताकि गर्मी के दिनों में ट्रांसफार्मर की किल्लत से निपटा जा सके।
उन्होंने कहा कि बार-बार मरम्मत के बावजूद सफल नहीं हो रहे पुराने ट्रांसफार्मर बदलने के भी सरकार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार बकाया बिजली बिलों की वसूली और चोरी को रोकने के लिए विशेष योजना बनाएगी, ताकि पीडीडी को घाटे से उबारा जा सके।