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इंटरव्यू: 'कश्मीर में शांति से पाकिस्तान के पेट में दर्द', पूर्ण राज्य और पलायन के मसले पर भी बोले एलजी सिन्हा

Tue, 31 Dec 2024 08:35 AM IST
Mahendra Tiwari महेंद्र तिवारी
Updated Tue, 31 Dec 2024 08:35 AM IST
सार

जम्मू-कश्मीर में शांति से पाकिस्तान के पेट में दर्द है। वो घुसपैठ बढ़ाता है। खास बातचीत में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पूर्ण राज्य के दर्जे पर बड़ी स्पष्टता से बात की। वो अनुच्छेद 370 से पलायन पर भी बोले।

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Governor Manoj Sinha Says Peace in Jammu and Kashmir is a pain for Pakistan terrorist attack and article 370
Governor Manoj Sinha - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में लंबे समय तक शांति रहती है तो पड़ोसी देश के पेट में दर्द होने लगता है। पाकिस्तान की वजह से यहां घुसपैठ बढ़ती है, लेकिन, पुलिस-प्रशासन और सेना में तालमेल अच्छा है। इंटेलीजेंस एजेंसियां समन्वय से काम कर रही हैं। यह कहना है जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा का। आतंकवाद व शांति-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से सलाह से जुड़े सवाल पर कहा कि मैं उनके उचित सुझावों का स्वागत करूंगा। राज्य से जुड़े अहम मुद्दों पर मनोज सिन्हा से महेंद्र तिवारी ने की खास बातचीत...
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पूर्ण राज्य बहाली पर प्रधानमंत्री भी कर चुके वादा, 370 पर संसद ने लगाई मुहर
  • उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पूर्ण राज्य के दर्जे पर बड़ी स्पष्टता से बात की। कहा, कैबिनेट का जो प्रस्ताव था, वह बहुत साधारण था। उसमें कैबिनेट ने मुख्यमंत्री को अधिकृत किया था कि वह पूर्ण राज्य के दर्जा बहाली को लेकर प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व भारत सरकार के प्रतिनिधियों से बात करेंगे। पूर्ण राज्य के दर्जे को लेकर गृहमंत्री कह चुके हैं। प्रधानमंत्री भी श्रीनगर की सभा में कह चुके हैं। ऐसे में यदि प्रस्ताव मेरे सामने आया, तो मैंने सिफारिश कर दी। मुझे लगता है कि जिस मुद्दे पर (अनुच्छेद-370 को लेकर) देश की संसद मुहर लगा चुकी है, उस पर मैं कुछ नहीं कहूंगा।
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वारदात में 70% की कमी, आतंकियों का इकोसिस्टम खत्म करने में हुए सफल
  • आतंकी वारदात में 70 फीसदी कमी आई है। आतंकियों का सफाया करने में ही नहीं, बल्कि इसके पूरे इकोसिस्टम को समाप्त करने में काफी हद तक सफलता मिली है। आतंकियों का लोकल रिक्रूटमेंट आज की तारीख में सबसे कम है। नारको टेररिज्म जरूर नई चुनौती बना है, पर इसे समाप्त करने में प्रधानमंत्री, विशेष रूप से गृह मंत्री काफी रुचि लेते हैं। जीरो टालरेंस की नीति अपनाई गई है।
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मानसिक प्रभाव जरूर पड़ा, पर प्रवासियों का पलायन नहीं हुआ
  • जिस वक्त हमले हुए, उस वक्त दीपावली भी थी। त्योहार पर बड़ी संख्या में लोग घर जाते हैं। आतंकी वारदात की वजह से लोग गए, यह कहना ठीक नहीं। सच है कि घटनाएं हुईं, उसका मानसिक प्रभाव भी पड़ता है। पिछले चार-साढ़े चार सालों में आतंकी हमलों पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है। इस वर्ष कुछ घटनाएं हुई हैं, पर समग्रता में देखें, तो वर्ष दर वर्ष आतंकी वारदात में कमी आई है।

संसद में तय लाइन से इतर बात न करें...
  • एलजी रोहिंग्याओं से जुड़े मुद्दे पर मुख्यमंत्री व मंत्रियों के बयान से एलजी क्षुब्ध नजर आए। उन्होंने कहा कि सांविधानिक पदों पर बैठे लोगों को संसद में तय लाइन से इतर बात नहीं करनी चाहिए।
  • आतंकवाद व शांति-व्यवस्था पर सीएम उमर अब्दुल्ला से सलाह से जुड़े सवाल पर कहा कि मैं उनके उचित सुझावों का स्वागत करूंगा।

कश्मीर तक ट्रेन और दरबार मूव पर
  • एलजी ने कहा, किसी भी क्षेत्र के विकास में कनेक्टिविटी की बड़ी भूमिका होती है। रेल, रोड, एयर, डिजिटल, वाटर...ये कनेक्टिविटी के मुख्य साधन है। इस डर में रहने की जरूरत नहीं है कि जम्मू का क्या होगा। कोई जू देखने आता है, कोई सुचेतगढ़ बॉर्डर जाना चाहता है। कोशिश होनी चाहिए कि जम्मू में इस तरह के और भी प्रयास हों, ताकि लोग बड़ी संख्या में आएं। नए इंफ्रास्ट्रक्चर से विकास होता है। कारोबार को गति मिलती है। नौकरी के अवसर बढ़ते है। गुणवत्ता बढ़ती है।

बदलाव...नाइट लाइफ का आनंद ले रहे लोग
  • राज्य में बदलाव साफ-साफ दिख रहा है। कश्मीर में भी लोग नाइट लाइफ का आनंद ले रहे हैं। लाल चौक, झेलम रिवर फ्रंट पर चहल-पहल रहती है। आम आदमी अपनी मर्जी से जम्मू-कश्मीर में जाने लगा है।
  • बिजनेस रूल पर...मंत्रिमंडल की सब कमेटी बनी है, जो बिजनेस रूल बना रही है। इसमें कोई विवाद नहीं है।
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