J&K: जीएसटी पर आम सहमति की बनाने की अंतिम कोशिश करेगी सरकार
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रियासत में जीएसटी लागू करने के लिए सरकार ने सहमति की अंतिम कोशिश के तहत वीरवार को श्रीनगर में सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इसमें सहमति बनने के आसार कम नजर आ रहे हैं। ऐसे में एक जुलाई से पहले सरकार अध्यादेश ला सकती है।
सर्वदलीय बैठक में सरकार की ओर से सभी दलों से जीएसटी को लागू करने के लिए सुझाव लिए जाएंगे। इससे पहले भी नेकां तथा कांग्रेस ने इस मुद्दे पर बुलाई गई बैठक का बहिष्कार किया था।
विपक्षी दलों का कहना था कि जीएसटी के ड्राफ्ट प्रस्ताव को दिए बिना इस पर चर्चा किए जाने का औचित्य नहीं है। सरकार की ओर से ड्राफ्ट प्रस्ताव सौंपने को कहा गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
सरकार की ओर से वीरवार को सभी दलों से इसे लागू करने का आग्रह किया जाएगा। यदि बैठक में सहमति नहीं बनी तो रियासत के आर्थिक हितों तथा व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए अध्यादेश लाने पर विचार किया जाएगा। सरकार का कहना है कि जीएसटी लागू होेने पर रियासत को सालाना 10 हजार करोड़ रुपये का फायदा होगा।
एक जुलाई से जीएसटी लागू करने के लिए अब व्यापारी समुदाय लामबंद हो गया है। धरना प्रदर्शन का सिलसिला भी शुरू हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि यदि जीएसटी लागू नहीं हुआ तो दोहरे कर की मार झेलनी होगी। ऐसे में कारोबारी तथा उपभोक्ता दोनों ही परेशान होंगे। व्यापार करने में भी दिक्कतें आएंगी और रियासत के व्यापारियों का कारोबार ठप होने की नौबत आ खड़ी होगी।