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कश्मीर में 28 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती, थल-वायुसेना को हाईअलर्ट का आदेश
Fri, 02 Aug 2019 10:40 AM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 02 Aug 2019 10:40 AM IST
सार
- केंद्रीय बलों की तैनाती और वापसी लगातार चलने वाली प्रक्रिया- गृह मंत्रालय
- तैनाती और वापसी पर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं की जा सकती- गृह मंत्रालय
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सी-17 विमान
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत सरकार ने घाटी के मौजूदा हालातों को देखते हुए भारतीय सेना व वायु सेना को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। वहीं 28 हजार अतिरिक्त जवान घाटी में तैनात किये जा रहे हैं। वहीं भारी संख्या में जवानों की तैनाती को देखते हुए वायु सेना ने अपने सी-17 विमान को घाटी में तैनात करने की बात कही है।
अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती पर गृह मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अर्द्धसैन्य बलों की तैनाती आंतरिक सुरक्षा स्थिति के आकलन और प्रशिक्षण की आवश्यकताओं के आधार पर की गई है। साथ ही कहा कि केंद्रीय बलों की तैनाती और वापसी लगातार चलने वाली प्रक्रिया है, सार्वजनिक रूप से इस पर चर्चा नहीं की जा सकती।
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जम्मू-कश्मीर में 10 हजार सुरक्षाबलों की तैनाती के हफ्ते भर के अंदर ही केंद्र सरकार द्वारा 28 हजार और जवानों को जम्मू-कश्मीर भेजा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक जवान गुरुवार सुबह से घाटी में पहुंचने लगे हैं। राज्य के अलग-अलग इलाकों में उन्हें तैनाती दी जा रही है।
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Srinagar: In view of the ongoing situation in Kashmir valley, Government has put the Air Force and the Army on high operational alert. https://t.co/pt36FNkC3g
— ANI (@ANI) August 2, 2019विज्ञापन
अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती पर गृह मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अर्द्धसैन्य बलों की तैनाती आंतरिक सुरक्षा स्थिति के आकलन और प्रशिक्षण की आवश्यकताओं के आधार पर की गई है। साथ ही कहा कि केंद्रीय बलों की तैनाती और वापसी लगातार चलने वाली प्रक्रिया है, सार्वजनिक रूप से इस पर चर्चा नहीं की जा सकती।
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जम्मू-कश्मीर में 10 हजार सुरक्षाबलों की तैनाती के हफ्ते भर के अंदर ही केंद्र सरकार द्वारा 28 हजार और जवानों को जम्मू-कश्मीर भेजा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक जवान गुरुवार सुबह से घाटी में पहुंचने लगे हैं। राज्य के अलग-अलग इलाकों में उन्हें तैनाती दी जा रही है।
केंद्र सरकार द्वारा 28 हजार और जवानों को जम्मू-कश्मीर भेजा जा रहा है
इतनी बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती के बाद तरह-तरह के कयास भी लगाए जा रहे हैं। इससे पहले 10 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती पर सरकार ने यह कहकर विराम लगाने की कोशिश की थी कि घाटी में आतंकवाद विरोधी कार्रवाई को पहले से और अधिक मजबूती देने के लिए 100 कंपनियां तैनात की जा रही हैं।
गुरुवार को ही एक कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल मलिक ने कहा कि हम कश्मीर को खुशहाल बनाकर रहेंगे। इस दौरान उन्होंने पाक सेना द्वार की जा रही सीजफायरिंग पर भी बयान दिया था। हालांकि राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने अनुच्छेद 35-ए हटाए जाने की अटकलों को सिरे से नकार दिया था। उन्होंने लोगों से अपील की थी कि इस तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। वहीं सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत गुरुवार को सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा को लेकर श्रीनगर पहुंचे। सेना के प्रवक्ता के मुताबिक सेना प्रमुख अगले दो दिन कश्मीर में ही रहेंगे।
गुरुवार को ही एक कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल मलिक ने कहा कि हम कश्मीर को खुशहाल बनाकर रहेंगे। इस दौरान उन्होंने पाक सेना द्वार की जा रही सीजफायरिंग पर भी बयान दिया था। हालांकि राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने अनुच्छेद 35-ए हटाए जाने की अटकलों को सिरे से नकार दिया था। उन्होंने लोगों से अपील की थी कि इस तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। वहीं सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत गुरुवार को सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा को लेकर श्रीनगर पहुंचे। सेना के प्रवक्ता के मुताबिक सेना प्रमुख अगले दो दिन कश्मीर में ही रहेंगे।
100 से अधिक आतंकी घुसपैठ की फिराक में
आतंकवाद के खिलाफ मोदी की सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति और सेना के ऑपरेशन ऑलआउट ने आतंकी संगठनों की जड़ें हिला दी है। घाटी में छिपे आतंकियों को सेना एक के बाद एक मौत के घाट उतार रही है। इसी से बौखलाए आतंकी संगठन बड़ी वारदात को अंजाम देने की जुगत में हैं। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों के लिए एलओसी के पास 100 से अधिक आतंकियों को तैयार कर लिया है और उनकी घुसपैठ कराने की फिराक में है। माना जा रहा है कि भारतीय सेना की लगातार कार्रवाई के बाद आतंकी संगठन को खुद की जमीन हिलती दिख रही है।
साथ ही सर्जिकल स्ट्राइक में मारे गए आतंकियों का बदला लेने के लिए आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ही पाकिस्तान की सेना भारत के नागरिकों के साथ-साथ रक्षा अधिकारियों और सुरक्षा ठिकानों पर आतंकी हमलों की योजना बना रही है।
साथ ही सर्जिकल स्ट्राइक में मारे गए आतंकियों का बदला लेने के लिए आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ही पाकिस्तान की सेना भारत के नागरिकों के साथ-साथ रक्षा अधिकारियों और सुरक्षा ठिकानों पर आतंकी हमलों की योजना बना रही है।
विमान सी-17 की खासियत...
- वायुसेना का ये विमान बेहद गर्म और ठंडे वातावरण में उड़ान भरने में सझम है। जोकि एक साथ 188 सैनिकों को ले जा सकता है
- विमान के आकार को देखकर ही अंदाजा लगा सकते हैं कि ये टैंक से लेकर मिसाइल तक हर छोटे बड़े हथियार और सैनिकों को लेकर उड़ान भर सकता है।
- पहाड़ो में विमान छोटी सी हवाई पट्टी पर भी उतरने में सझम है।
- लड़ाई के दौरान पहाड़ों में इस विमान का कोई मुकाबला ही नहीं है।
- यह मिसाइल सॉफ्टवेयर सपोर्टेड मिशन प्लानिंग सिस्टम और वार्निंग सिस्टम से लैस है।