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Jammu News: एमबीबीएस की अधिक सीटों के मामले में जिम्मेदारी तय
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में अकादमिक वर्ष 2022-23 के लिए एमबीबीएस की 180 सीटों के स्थान पर 184 विद्यार्थियों को प्रवेश देने के मामले में जीएमसी प्रशासन ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) को सोमवार को कार्रवाई रिपोर्ट सौंपी। इसमें महिला क्लर्क की लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय की गई और वह पहले से ही निलंबित व प्रशासक कार्यालय में अटैच हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रशासनिक स्तर पर पूर्व प्रिंसिपल शशि सूदन पर भी लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करने की तैयारी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार उक्त दोनों की जिम्मेदारी तय की गई है।
मामले में पहले ही कोऑर्डिनेशन न्यू मेडिकल कॉलेजिस के निदेशक डॉ. यशपाल शर्मा ने जांच रिपोर्ट दे दी थी। एनएमसी ने गत दिनों जीएमसी जम्मू प्रशासन को पत्र लिखकर 15 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट देने को कहा था। इसके साथ एनएमसी ने अकादमिक वर्ष 2024-25 में जीएमसी जम्मू की एमबीबीएस की आठ सीटें कम करने का फैसला लिया था। हालांकि जीएमसी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग जम्मू कश्मीर उक्त आठ सीटों की यथास्थिति बनाए रखने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इसमें सरकार का हस्तक्षेप भी हो सकता है। वहीं, उक्त सीटों पर चिकित्सा विद्यार्थियों का भविष्य भी दांव पर है। अगर अतिरिक्त सीटें जीएमसी के खाते में शामिल नहीं होंगी तो चार विद्यार्थियों का भविष्य खराब हो सकता है। नए फैसले में मौजूदा सत्र से आठ एमबीबीएस सीटें कम हो जाती हैं, तो इससे जीएमसी को नुकसान पहुंचेगा। राष्ट्रीय स्तर के कोटे के साथ स्थानीय सीटें भी जाएंगी। फिलहाल रिपोर्ट पर जीएमसी का कोई अधिकारी नहीं बोल रहा।
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जम्मू। राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में अकादमिक वर्ष 2022-23 के लिए एमबीबीएस की 180 सीटों के स्थान पर 184 विद्यार्थियों को प्रवेश देने के मामले में जीएमसी प्रशासन ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) को सोमवार को कार्रवाई रिपोर्ट सौंपी। इसमें महिला क्लर्क की लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय की गई और वह पहले से ही निलंबित व प्रशासक कार्यालय में अटैच हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रशासनिक स्तर पर पूर्व प्रिंसिपल शशि सूदन पर भी लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करने की तैयारी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार उक्त दोनों की जिम्मेदारी तय की गई है।
मामले में पहले ही कोऑर्डिनेशन न्यू मेडिकल कॉलेजिस के निदेशक डॉ. यशपाल शर्मा ने जांच रिपोर्ट दे दी थी। एनएमसी ने गत दिनों जीएमसी जम्मू प्रशासन को पत्र लिखकर 15 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट देने को कहा था। इसके साथ एनएमसी ने अकादमिक वर्ष 2024-25 में जीएमसी जम्मू की एमबीबीएस की आठ सीटें कम करने का फैसला लिया था। हालांकि जीएमसी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग जम्मू कश्मीर उक्त आठ सीटों की यथास्थिति बनाए रखने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इसमें सरकार का हस्तक्षेप भी हो सकता है। वहीं, उक्त सीटों पर चिकित्सा विद्यार्थियों का भविष्य भी दांव पर है। अगर अतिरिक्त सीटें जीएमसी के खाते में शामिल नहीं होंगी तो चार विद्यार्थियों का भविष्य खराब हो सकता है। नए फैसले में मौजूदा सत्र से आठ एमबीबीएस सीटें कम हो जाती हैं, तो इससे जीएमसी को नुकसान पहुंचेगा। राष्ट्रीय स्तर के कोटे के साथ स्थानीय सीटें भी जाएंगी। फिलहाल रिपोर्ट पर जीएमसी का कोई अधिकारी नहीं बोल रहा।
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