Azad resignation: गुलाम नबी आजाद जम्मू में करेंगे शक्ति प्रदर्शन, 15 सितंबर को हो सकता है पार्टी का एलान
जम्मू संभाग के सभी 10 जिलों से आजाद समर्थकों को जुटाने की योजना है ताकि कांग्रेस के साथ ही अन्य दलों भाजपा, नेकां, पीडीपी, आप को यह संदेश दिया जा सके कि आजाद में अब भी दमखम है। उनका चार से छह सितंबर तक जम्मू में दौरा प्रस्तावित है।
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कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद जम्मू से पूरे देश को अपना दम दिखाएंगे। वे यहां चार से छह सितंबर तक रहेंगे। इस दौरान उनकी सभा भी प्रस्तावित है। हालांकि, अभी स्थान तय नहीं है। कांग्रेस छोड़ने के बाद वे पहली बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। 15 सितंबर तक नई पार्टी के गठन की तैयारी है।
आजाद के स्वागत की तैयारियां की जाने लगी हैं। जम्मू संभाग के सभी 10 जिलों से आजाद समर्थकों को जुटाने की योजना है ताकि कांग्रेस के साथ ही अन्य दलों भाजपा, नेकां, पीडीपी, आप को यह संदेश दिया जा सके कि आजाद में अब भी दमखम है। आजाद के करीबी और प्रदेश के पूर्व विधायक जुगल किशोर शर्मा ने बताया कि आजाद चार से छह सितंबर तक जम्मू में रहेंगे।
इसके बाद वे चिनाब वैली का दौरा करने चले जाएंगे। फिलहाल कितने दिनों का दौरा होगा, यह तय नहीं है। लेकिन पहली बार उनके जम्मू पहुंचने पर जोरदार स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। चार सितंबर को जम्मू में सभा भी प्रस्तावित है। सभा के लिए स्थान एक-दो दिन में चिह्नित कर लिया जाएगा।
आजाद के करीबियों ने बताया कि उनके जम्मू आने पर शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा। डीडीसी, बीडीसी और पंचायत प्रतिनिधियों के अलावा कांग्रेस के कई दिग्गज नेता आजाद के साथ आ सकते हैं। ही अन्य दलों के नेता भी आजाद से जुड़ेंगे।
विरोधियों का मुंह बंद करने की कर सकते हैं कोशिश
आजाद अपने दौरे के दौरान कांग्रेस से अलग होने के कारण गिनवाकर विरोधियों का मुंह बंद करने की कोशिश कर सकते हैं। करीबियों का कहना है कि आजाद पर मौकापरस्त होने और विश्वासघात करने जैसे आरोप लगे हैं। बताते हैं कि वे कांग्रेस नेतृत्व पर त्यागपत्र में लिखे आरोपों के अलावा पार्टी छोड़ने की वजहें बताकर लोगों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर सकते हैं।
आजाद समर्थकों ने दिल्ली में बनाई रणनीति
आजाद के करीबियों का कहना है कि दिल्ली में दिनभर उनके समर्थकों का रेला लगा रहा। शनिवार को प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री रहे ताराचंद, पूर्व विधायक जुगल किशोर शर्मा, पूर्व विधायक बलवान सिंह व कठुआ जिलाध्यक्ष मनोहर लाल भी पहुंचे। इसके अलावा भी कई शुभचिंतकों ने पहुंचकर आजाद के प्रति समर्थन जताया। आजाद के साथ उनके विश्वसनीय लोगों की बैठक भी हुई, जिसमें पार्टी के गठन, पार्टी का नाम और अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।
पांच अगस्त 2019 से पहले की स्थिति बहाल करना होगा प्रमुख एजेंडा
आजाद के करीबी और पूर्व मंत्री व कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष जीएम सरूरी ने कहा कि 15 दिन में नई पार्टी के गठन की घोषणा हो जाएगी। पार्टी का प्रमुख एजेंडा पांच अगस्त 2019 से पहले की जम्मू-कश्मीर की स्थिति को बहाल करना है। उम्मीद है कि इसमें जम्मू-कश्मीर की अवाम का सहयोग मिलेगा। इसके साथ ही धर्मनिरपेक्ष विचारधारा को आगे बढ़ाना व मुख्यमंत्रित्व काल में 2005-2008 वाले माहौल को दोबारा से बनाने की कोशिश होगी जिसमें सभी सेक्टर का विकास तथा लोगों के कल्याण की वकालत रही थी।