जम्मू-कश्मीर के पर्यटन को प्रोत्साहन देगा जर्मनी
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कश्मीर आने वाले जर्मन पर्यटकों में सुरक्षा को लेकर फैली नकारात्मक धारणा को बदलने में जर्मनी अब जम्मू-कश्मीर सरकार की मदद करेगा। ताकि रियासत में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो सके। भारत में जर्मनी के राजदूत मिचेल स्टेनर ने मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद से भेंट के दौरान कहा कि जर्मनी आधिकारिक तौर पर अपने नागरिकों को कश्मीर जाने की अनुशंसा करता है।
बैठक के दौरान जर्मन राजदूत ने आपसी हित के कई मुद्दों पर चर्चा की। इनमें कश्मीर में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि करना, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट में मदद और कौशल विकास में व्यवसायिक प्रशिक्षण देने के मुद्दे मुख्य थे। मुख्यमंत्री ने कुछ यूरोपीय देशों द्वारा अपने नागरिकों के कश्मीर आने पर प्रतिबंध लगाने वाली ट्रैवल एडवाइजरी को हटाने की जरूरत पर प्रकाश डाला। उनका कहना है कि विश्व के अन्य पर्यटन स्थलों की तरह कश्मीर में यात्रा करना भी अब सुरक्षित है।
जर्मनी से आएगी यह तकनीक
इस दौरान उन्होंने यूरोप और कश्मीर की जलवायु समानताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर में आयोजित होने वाले वर्ल्ड मार्ट में 20 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। उम्मीद है कि यहां से उनके घर लौटने के बाद कश्मीर के प्रति धारण बदलेगी। मुफ्ती ने स्टेनर से आग्रह किया कि संभव हो तो भारत में यूरोपीय संघ के राजदूतों का गोल्फ टूर्नामेंट पहलगाम या श्रीनगर में आयोजित करें।
अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने रायल स्प्रिंग गोल्फ कोर्स में उन्होंने यूरोपीय राजदूतों को आमंत्रित किया था। जर्मनी राजदूत ने कहा कि साइंटिफिक वेस्ट मैनेजमेंट किसी भी पर्यटन स्थल के लिए पूर्व शर्त होती है।
इसके लिए वह अपने देश से तकनीक स्थानांतरण करेंगे। कश्मीर की प्राकृतिक खूबसूरती की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि वह पत्नी एलियस का जन्मदिन भी कश्मीर की वादियों में मनाएंगे। बैठक में उनकी पत्नी एलियस भी थीं।