अलगाववादियों के बंद पर घाटी में हिंसक प्रदर्शन
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सरकारी मुलाजिम की हत्या के विरोध में बुधवार को अलगाववादियों के बंद के दौरान घाटी में कई जगह हिंसक प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर पथराव किया। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। बंद से बारामूला, सोपोर तथा आस-पास के इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ। प्रमुख बाजार तथा व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
हुर्रियत (जी) के बंद के आह्वान पर जिले में सभी दुकानें बंद रहीं। कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे। सड़कों पर यातायात न के बराबर रहा। सोपोर में सन्नाटा पसरा रहा, लेकिन इकबाल नगर जहां का सरकारी मुलाजिम रहने वाला था, वहां के गुस्साए लोग सड़क पर उतर आए। उन्होंने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वे हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
सोपोर के कुछ इलाकों में पत्थरबाजी की भी खबरें हैं। उधर, जिले पलहालान इलाके में हत्या से गुस्साए लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया। युवाओं ने सड़क जाम की भी कोशिश की। इस दौरान सुरक्षा में लगे सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हुए पथराव किया। प्रदर्शनकारियों तथा सुरक्षा बलों में काफी देर तक झड़प होती रही। गुस्साए युवाओं को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे तब जाकर स्थिति नियंत्रित हुई।
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
अलगाववादियों के बंद को देखते हुए बारामूला, सोपोर, पटन तथा आस-पास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जमात-ए-इस्लामी नेता शेख मोहम्मद युसूफ के पुत्र एवं सोपोर सब डिस्ट्रिक्ट हास्पिटल के फार्मासिस्ट शेख अल्ताफ की मंगलवार को आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
तहरीक-ए-हुर्रियत संगठन का कार्यकर्ता था। हत्या के विरोध में कट्टरपंथी अलगावादी नेता और हुर्रियत (जी) के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी द्वारा किया गया था। इसका समर्थन यूनाइटेड जिहाद कौंसिल (यूजीसी) के चीफ सैयद सलाहुद्दीन ने भी किया था।