{"_id":"6547fc6b0b153210e00b05fc","slug":"garbage-revenue-serve-jammu-news-c-10-jam1008-237652-2023-11-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: निगम को 18 करोड़ की जगह सालाना आ रहा 10 करोड़ कचरा राजस्व, होगा सर्वे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: निगम को 18 करोड़ की जगह सालाना आ रहा 10 करोड़ कचरा राजस्व, होगा सर्वे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नगर निगम को कचरा शुल्क सालाना 18 करोड़ के जगह दस करोड़ रुपये ही आ रहा है। अब राजस्व कम आने पर नगर निगम फिर से सर्वे करेगा। कितने उपभोक्ता शुल्क नहीं दे रहे और कितने नए हाउस होल्डर जुड़े हैं, इनकी सूची हासिल की जाएगी। सर्वे के लिए हेल्थ विंग ने सफाई अधिकारियों और सुपरवाइजरों को सर्वे करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
हर वार्ड में हाउस होल्डरों, दुकानों, बैंक, ट्यूशन सेंटर, होटलों की रिपोर्ट तैयार करनी होगी। वार्ड के हिसाब से बताना होगा कि कितने हाउस होल्डर या दुकानें हैं। पता लगाया जाएगा कि इनमें कितने उपभोक्ता शुल्क अदा नहीं कर रहे हैं। मौजूदा समय में नगर निगम ने हर वार्ड में ऑटो सुविधा दी है। कचरा ऑटो में डाला जा रहा है, लेकिन लोग शुल्क नहीं दे रहे। हर माह करोडों रुपये बकाया बच जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद आकलन किया जाएगा। इसके बाद इन हाउस होल्डरों और दुकानदारों को किराया अदा करने के लिए बिल जारी होंगे। नगर निगम के अनुसार शहर में एक लाख बीस हजार हाउस होल्डर हैं, जबकि 40 हजार से ज्यादा दुकानें हैं। सर्वे से यह भी पता चल सकेगा कि कितने उपभोक्ता छूट गए हैं। इनको भी सूची में जोड़ा जाएगा और राजस्व वसूला जाएगा।
नगर निगम को कचरा उठाने का राजस्व कम आ रहा है। ऐसे में सर्वे करवाया जा रहा है। फाॅरमेट बनाकर अधिकारियों को सौंपें गए हैं। इसमें उपभोक्ताओं का पूरा विवरण देना होगा। सालाना 18 करोड़ रुपये राजस्व आना चाहिए, लेकिन दस करोड़ ही आ रहा है।
विज्ञापन
डाॅ. विनोद शर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम
विज्ञापन
जम्मू। नगर निगम को कचरा शुल्क सालाना 18 करोड़ के जगह दस करोड़ रुपये ही आ रहा है। अब राजस्व कम आने पर नगर निगम फिर से सर्वे करेगा। कितने उपभोक्ता शुल्क नहीं दे रहे और कितने नए हाउस होल्डर जुड़े हैं, इनकी सूची हासिल की जाएगी। सर्वे के लिए हेल्थ विंग ने सफाई अधिकारियों और सुपरवाइजरों को सर्वे करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
हर वार्ड में हाउस होल्डरों, दुकानों, बैंक, ट्यूशन सेंटर, होटलों की रिपोर्ट तैयार करनी होगी। वार्ड के हिसाब से बताना होगा कि कितने हाउस होल्डर या दुकानें हैं। पता लगाया जाएगा कि इनमें कितने उपभोक्ता शुल्क अदा नहीं कर रहे हैं। मौजूदा समय में नगर निगम ने हर वार्ड में ऑटो सुविधा दी है। कचरा ऑटो में डाला जा रहा है, लेकिन लोग शुल्क नहीं दे रहे। हर माह करोडों रुपये बकाया बच जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद आकलन किया जाएगा। इसके बाद इन हाउस होल्डरों और दुकानदारों को किराया अदा करने के लिए बिल जारी होंगे। नगर निगम के अनुसार शहर में एक लाख बीस हजार हाउस होल्डर हैं, जबकि 40 हजार से ज्यादा दुकानें हैं। सर्वे से यह भी पता चल सकेगा कि कितने उपभोक्ता छूट गए हैं। इनको भी सूची में जोड़ा जाएगा और राजस्व वसूला जाएगा।
विज्ञापन
नगर निगम को कचरा उठाने का राजस्व कम आ रहा है। ऐसे में सर्वे करवाया जा रहा है। फाॅरमेट बनाकर अधिकारियों को सौंपें गए हैं। इसमें उपभोक्ताओं का पूरा विवरण देना होगा। सालाना 18 करोड़ रुपये राजस्व आना चाहिए, लेकिन दस करोड़ ही आ रहा है।
विज्ञापन
डाॅ. विनोद शर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम