जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ खेल बनेंगे हथियार
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जम्मू एंड कश्मीर के युवाओं को आतंकी गतिविधियों से अलग करने के लिए केंद्र सरकार खेलों को नया जरिया बनाने जा रही है। खासतौर पर राज्य में पहले से ही काफी प्रचलित क्रिकेट और फुटबॉल को आतंकवाद के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर खेल मंत्रालय ने इस अभियान के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार के अलावा बीसीसीआई और ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन के साथ हाथ मिलाया है।
इस संबंध में सोमवार को एआईएफएफ ने जहां राज्य में मोहन बागान, मोहम्मडन स्पोर्टिंग जैसी टीमों के दोस्ताना मुकाबले कराने की पहल की है वहीं बीसीसीआई ने राज्य में क्रिकेट के मुकाबले कराने में सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
साई के जरिए खेलों की गतिविधियां बढ़ाई जाएंगी
यही नहीं मंत्रालय राज्य में साई के जरिए इन दोनों के अलावा अन्य खेलों में प्रशिक्षकों को तैयार करने की मुहिम छेड़ेगी। राज्य में खेल गतिविधियां बढ़ाने के इनपुट गृह मंत्रालय की ओर से दिए गए हैं।
सोमवार को इस संबंध में खीची गई रूपरेखा में गृह मंत्रालय के अलावा कुछ नामी एनजीओ, स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, जम्मू-कश्मीर ओलंपिक एसोसिएशन, सर्विसेज स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड के प्रतिनिधियों ने अपनी राय रखी।
सभी ने एक स्वर में यही कहा कि राज्य के युवाओं का ध्यान खेलों में लगाने की सख्त जरूरत है। इसके लिए यहां खेल की गतिविधियों को शुरू करना होगा। साई के जरिए खेलों की गतिविधियां बढ़ाई जाएंगी साथ ही उभरती हुई प्रतिभाओं को ढूंढा जाएगा।