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फंड के लिए FY के अंत में खुली नींद
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 22 Mar 2015 11:48 PM IST
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वित्त वर्ष खत्म होने के साथ ही खेल स्पर्धाओं की बाढ़ आ गई है। पूरे सीजन निष्क्रिय रहे खेल एसोसिएशन ने सक्रियता बढ़ा दी है। परीक्षाओं के दौरान ही राज्य स्तरीय खेल स्पर्धाएं आयोजित करवाई जा रही हैं। हर साल वित्त वर्ष के अंत में ऐसी परंपरा को जम्मू-कश्मीर स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल रोकने में विफल रहा है।
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इन्हीं प्रतियोगिताओं के आधार पर खेल संगठनों को फंड जारी किया जाता है। जम्मू-कश्मीर स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल के अधीन 50 से अधिक खेल एसोसिएशन पंजीकृत हैं। इनमें प्रमुख खेलों के साथ कई ऐसे खेल भी हैं, जिनमें खेल संगठनों की सक्रियता न के बराबर रहती है।
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खेल एसोसिएशनों को वित्त वर्ष के दौरान जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं को करवाना होता है, लेकिन परीक्षाओं के दौरान और वित्त वर्ष के अंत में ऐसी प्रतियोगिताओं के आयोजन और व्यवस्थाओं पर कई सवाल उठते हैं। इन चैंपियनशिप के आयोजन को लेकर काउंसिल और खेल एसोसिएशनों को पूरे सत्र में याद क्यों नहीं आती है।
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वित्त वर्ष के अंत में परीक्षाओं के दौरान राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं करवाने से प्रतिभाशाली खिलाडि़यों को भी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसी प्रतियोगिताओं में जिला स्तर से प्रतिभागियों की भागीदारी कम हो जाती है। इस समय अधिकांश जूनियर और सीनियर खिलाड़ी परीक्षाओं में व्यस्त हैं, जिससे खेलों के प्रति उनकी तैयारी कमजोर रहती है।
अभिभावक भी बच्चों को खेल से दूर रखकर पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करने की सलाह देते हैं। इसके चलते कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी हुनर दिखाने से चूक जाते हैं। उल्लेखनीय है कि इस समय सीबीएसई और राज्य शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में जूनियर खिलाड़ी परीक्षाओं में व्यस्त हैं।