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जम्मू-कश्मीरः ड्रग्स और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए हाईवे पर एक भी फुल बॉडी स्कैनर नहीं
Thu, 23 Jul 2020 01:39 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2020 01:39 AM IST
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Jammu Kashmir highway
- फोटो : अमर उजाला
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कश्मीर आने-जाने वाले ट्रकों में ड्रग्स, जानवर और हथियारों की तस्करी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। लेकिन लखनपुर से श्रीनगर तक नेशनल हाईवे पर अभी तक वाहनों की जांच के लिए एक भी फुल बॉडी स्कैनर नहीं लग पाया है। जिससे वाहनों की जांच में मुश्किल पेश आ रही है।
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पुलिस विभाग ने फुल बॉडी स्कैनर लगाने की योजना बनाई भी थी लेकिन इस पर काम शुरू नहीं हो पाया। हालांकि लखनपुर से श्रीनगर तक नेशनल हाईवे पर पिछले चार साल में दो नए टोल प्लाजा जरूर स्थापित कर दिए गए हैं लेकिन फुल बॉडी स्कैनर लगाने की योजना अधर में ही है।
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जानकारी के अनुसार कश्मीर से देश के अन्य हिस्सों और जम्मू आने जाने वाले ट्रक तस्करी का बड़ा जरिया बन चुके हैं। ट्रकों में सेब, अखरोट और अन्य सामान की पेटियों में हेरोइन, भुक्की, चरस आदि की तस्करी हो रही है। बॉर्डर पार से आए हथियार ट्रकों में कश्मीर घाटी पहुंचाए जा रहे हैं।
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पिछले एक साल में कश्मीर आने जाने वाले ट्रकों में ड्रग्स, हथियारों और जानवरों की तस्करी के 300 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 200 से ज्यादा पशु तस्करी के, 100 से अधिक मामले नशा तस्करी के हैं। झज्जर कोटली और नगरोटा में मारे जाने वाले आतंकी भी ट्रकों के जरिए कश्मीर जा रहे थे। वहीं पिछले 5 वर्षों में बॉर्डर से घुसपैठ करके 50 से 60 आतंकी हथियारों के साथ ट्रकों में ही कश्मीर पहुंचे।
तस्करी के लिए ट्रक आसान जरिया
सूत्रों के मुताबिक तस्करों के लिए ट्रकों के जरिये तस्करी बहुत ही आसान जरिया है। हर एक ट्रक की चेकिंग हो पाना संभव नहीं है। तस्करी रोकने के लिए विभाग ने फुल बॉडी स्कैनर स्थापित करने की योजना बनाई थी, लेकिन आज तक इस पर कोई काम शुरू नहीं हो पाया है। जिसकी वजह से ऐसे मामले निरंतर सामने आ रहे हैं।
कश्मीर से आने वाले फलों के ट्रकों में जहां ड्रग्स की तस्करी हो रही है तो जम्मू से जाने वाले ट्रकों में मवेशी और आतंकियों के लिए हथियार सप्लाई किए जा रहे हैं। इस संबंध में डीजीपी दिलबाग सिंह से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया।