{"_id":"5869e4ae4f1c1b00521582e4","slug":"four-lakh-tips-for-smart-cities-in-kashmir","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रीनगर में अलगाववादियों की पाबंदियों के बीच भी दिखी स्मार्ट सिटी बनने की ललक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रीनगर में अलगाववादियों की पाबंदियों के बीच भी दिखी स्मार्ट सिटी बनने की ललक
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Mon, 02 Jan 2017 10:57 AM IST
विज्ञापन
स्मार्ट सिटी
- फोटो : Demo Pic.
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कश्मीर हिंसा के दौरान पाबंदियों और ज्यादातर समय में मोबाइल इंटरनेट सेवा स्थगित रहने के बावजूद घाटी में स्मार्ट सिटी बनने की ललक दिखी। श्रीनगर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए चार लाख से अधिक सुझाव नगर निगम के पास पहुंचे। निगम ने सितंबर महीने में लोगों से इसके लिए सुझाव आमंत्रित किए थे।
श्रीनगर नगर निगम के हेल्थ अफसर शफाकत खान का कहना है कि स्मार्ट सिटी के लिए जन समर्थन जुटाने की मुहिम को अच्छा रिस्पांस मिला है। पिछले चार महीनों में 9.5 लाख नागरिकों तक पहुंच बनाने की कोशिश की गई। इसके लिए प्रिंट मीडिया के साथ ही रेडियो का भी सहारा लिया गया।
हिंसा की वजह से मोबाइल तथा इंटरनेट सुविधा स्थगित होने की वजह से कई लोगों ने व्यक्तिगत रूप से नगर निगम पहुंचकर अपने सुझाव दिए। इनमें ज्यादातर युवा थे। एक हजार से ज्यादा सुझाव ई-मेल के जरिये प्राप्त हुए। कई ने एसएमएस के जरिये सुझाव भेजे।
विज्ञापन
ट्विटर तथा फेसबुक जैसे सोशल मीडिया से भी कई ने सुझाव दिए। नगर निगम ने लोगों को जागरूक करने के लिए निबंध तथा लोगो डिजाइन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया। इसके उत्साहजनक परिणाम मिले। 200 से ज्यादा ने निबंध और इतने ही लोगो प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियां दीं।
खान ने बताया कि स्मार्ट सिटी के लिए ड्राफ्ट बनकर तैयार है। इसे जनवरी के अंत में केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। यदि कोई बहुमूल्य सुझाव मिले तो उसे भी शामिल करने की कोशिश की जाएगी। ज्ञात हो कि राज्य सरकार श्रीनगर और जम्मू दोनों को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए प्रयासरत है।
विज्ञापन
श्रीनगर नगर निगम के हेल्थ अफसर शफाकत खान का कहना है कि स्मार्ट सिटी के लिए जन समर्थन जुटाने की मुहिम को अच्छा रिस्पांस मिला है। पिछले चार महीनों में 9.5 लाख नागरिकों तक पहुंच बनाने की कोशिश की गई। इसके लिए प्रिंट मीडिया के साथ ही रेडियो का भी सहारा लिया गया।
विज्ञापन
हिंसा की वजह से मोबाइल तथा इंटरनेट सुविधा स्थगित होने की वजह से कई लोगों ने व्यक्तिगत रूप से नगर निगम पहुंचकर अपने सुझाव दिए। इनमें ज्यादातर युवा थे। एक हजार से ज्यादा सुझाव ई-मेल के जरिये प्राप्त हुए। कई ने एसएमएस के जरिये सुझाव भेजे।
विज्ञापन
ट्विटर तथा फेसबुक जैसे सोशल मीडिया से भी कई ने सुझाव दिए। नगर निगम ने लोगों को जागरूक करने के लिए निबंध तथा लोगो डिजाइन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया। इसके उत्साहजनक परिणाम मिले। 200 से ज्यादा ने निबंध और इतने ही लोगो प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियां दीं।
खान ने बताया कि स्मार्ट सिटी के लिए ड्राफ्ट बनकर तैयार है। इसे जनवरी के अंत में केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। यदि कोई बहुमूल्य सुझाव मिले तो उसे भी शामिल करने की कोशिश की जाएगी। ज्ञात हो कि राज्य सरकार श्रीनगर और जम्मू दोनों को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए प्रयासरत है।