जम्मू कश्मीर: किश्तवाड़ में बारिश के दौरान पेड़ गिरने से चार की मौत, पुंछ में युवक बहा, कुपवाड़ा में गिरे ओले
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शुक्रवार को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। आने वाले दिनों में भी मौसम में उतार चढ़ाव जारी रहेगा।
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जम्मू-कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में वीरवार को लगातार दूसरे दिन मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ। किश्तवाड़ की पंचायत केशवान, ब्लाक ठाठरी के बाहलना वन क्षेत्र में बारिश के बीच विशाल देवदार का पेड़ गिरने से तीन महिलाओं समेत चार बक्करवालों की मौत हो गई।
इनकी पहचान नजीर अहमद (55), अनवर बेगम (26), शमा बेगम (26) और शकील बानो (17) के रूप में हुई है। सभी मरने वाले कठुआ के बनी डिवीजन की बरवाल घाटी के रहने वाले हैं। ये सभी पेड़ के नीचे आराम कर रहे थे। उधर सुरनकोट के डोडी नाले में तेज बहाव में एक 14 वर्षीय किशोर बह गया।
बचाव दल उसकी तलाश कर रहा है। पुंछ की बेतार नदी में बुधवार को लापता एक महिला का शव 18 घंटे बाद घटनास्थल से डेढ़ किलोमीटर दूर मिला है। पुंछ में तेज बारिश से पिछले दो दिनों से नदी-नाले उफान पर हैं। जिला प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों के पास न जाने की हिदायत दी है।
प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में वीरवार सुबह हुई तेज बारिश से पारे में गिरावट आई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शुक्रवार को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। आने वाले दिनों में भी मौसम में उतार चढ़ाव जारी रहेगा। हालांकि वीरवार दोपहर बाद अधिकांश इलाकों में मौसम खुल गया था।
कटड़ा में वैष्णो देवी के लिए हेलिकॉप्टर सेवा सुचारू रूप से चलती रही। कठुआ के अधिकतर हिस्सों में सुबह बारिश के बाद दोपहर को मौसम खुल गया। बिलावर के लोहाई मल्हार क्षेत्र में बिजली गिरने से एक 55 वर्षीय महिला का हाथ झुलस गया और वहां मौजूद एक भैंस की मौत हो गई।
कठुआ के लच्छीपुरा इलाके में एक पेड़ गिर जाने से तीन भैंस घायल हो गईं। राजोरी, उधमपुर, डोडा, रामबन आदि क्षेत्रों में बारिश हुई। कश्मीर में बारिश से मौसम में ठंडक बनी हुई है। नगर में शाम को दोबारा तेज बारिश हुई। जम्मू में सुबह तेज बारिश के बाद दोपहर को मौसम खुल गया, लेकिन तपिश से राहत रही।
बनी से दच्छन जा रहा था बक्करवालों का परिवार
किश्तवाड़ में हादसे का शिकार गुज्जर-बक्करवाल परिवार मवेशियों को लेकर कठुआ के बनी से किश्तवाड़ के दच्छन जा रहा था। सभी लोग ठाकराई ब्लॉक के केशवान इलाके के बलना जंगल में रुके थे। बुधवार रात को बारिश हो रही थी तो सभी डेरा डाल पेड़ के नीचे सो गए।
देवदार का पेड़ गिर गया। दबने से एक ही परिवार के चार लोगों (पति, पत्नी, बेटी और बहू) की मौत हो गई। वहीं साथ सो रहे एक बच्चे सहित तीन लोग बाल-बाल बच गए। नसीर अहमद के दो बेटे और एक पोता बाल-बाल बच गए। गुज्जर बक्करवाल परिवार मवेशियों के साथ ग्रीष्मकालीन प्रवास के लिए किश्तवाड़ के दच्छन जा रहा था।
उनके डेरे के साथ ही एक अन्य परिवार का डेरा भी था। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और डॉक्टरों की टीम ने केशवान गांव में पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के हवाले कर दिए। इन्हें पास ही जंगल में दफना दिया गया।
कुपवाड़ा के गांवों में ओलावृष्टि से तबाही, चेरी व सेब के बाग प्रभावित
उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के दर्जनों गांवों में वीरवार दोपहर ओलावृष्टि ने तबाही मचाई। दस मिनट की ओलावृष्टि के बाद तेज बारिश हुई जिससे हरिल दरबली, औडूरा नौगाम लवूसा कुपवाड़ा त्रेहगाम, वोवेरा हांजीपोरा, हिर्री, बतरगाम, द्रुगमुल्ला, क्रालपोरा और कई अन्य गांवों में मक्का, धान के पौधे, सेब और चेरी के बाग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
इन क्षेत्रों में ज्यादातर कृषि और बागवानी उत्पादों से अपनी जीविका चलाने वाले लोगों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि कृषि और बागवानी को हुए नुकसान का मौके पर ही आकलन किया जाए।