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तीन दशक में आतंकियों ने की 4 पत्रकारों की हत्या, हमले से चार घंटे पहले बुखारी ने किया था ये रीट्वीट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 15 Jun 2018 09:48 AM IST
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shujaat
- फोटो : file photo
वरिष्ठ पत्रकार व अंग्रेजी अखबार राइजिंग कश्मीर के मुख्य संपादक शुजात बुखारी और उनके पीएसओ की आतंकियों ने वीरवार शाम हत्या कर दी। प्रेस इन्क्लेव के पास उनकी गाड़ी को घेरकर आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की।
हमले में शुजात और उनके पीओएस की मौत हो गई है। आपको बता दें कि घाटी में हिंसा के तीन दशक में चार पत्रकारों की आतंकियों ने हत्या कर दी है। 1991 में अल्सफा के संपादक मोहम्मद शाबान वकील की हिज्ब के आतंकियों ने हत्या की थी।
1995 में दफ्तर में बम विस्फोट में बीबीसी संवाददाता युसूफ जमीन घायल हो गए थे, जबकि एएनआई के कैमरामैन मुश्ताक अली की मौत हो गई थी। 31 जनवरी 2003 को एनएएफए के संपादक परवेज मोहम्मद सुल्तान को हिजबुल के आतंकियों ने मार डाला था।
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हमले में शुजात और उनके पीओएस की मौत हो गई है। आपको बता दें कि घाटी में हिंसा के तीन दशक में चार पत्रकारों की आतंकियों ने हत्या कर दी है। 1991 में अल्सफा के संपादक मोहम्मद शाबान वकील की हिज्ब के आतंकियों ने हत्या की थी।
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1995 में दफ्तर में बम विस्फोट में बीबीसी संवाददाता युसूफ जमीन घायल हो गए थे, जबकि एएनआई के कैमरामैन मुश्ताक अली की मौत हो गई थी। 31 जनवरी 2003 को एनएएफए के संपादक परवेज मोहम्मद सुल्तान को हिजबुल के आतंकियों ने मार डाला था।
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चार घंटे पहले यूएन रिपोर्ट पर रीट्वीट किया था
घटना से चार घंटे पहले शुजात बुखारी ने रीट्वीट किया था कि भारत ने कश्मीर पर यूएन रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। शुजात ने इस रिपोर्ट को सही बताया था।
उन्होंने अपने आखिर ट्वीट में लिखा था कि कश्मीर पर पहली संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार रिपोर्ट मानवाधिकार उल्लंघन की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग करती है। उन्होंने लिखा कि कश्मीर में हमने पत्रकारिता गर्व के साथ की है, आगे जो भी जमीन पर कुछ होगा, हम उसे प्रमुखता से उठाएंगे।
आपको बता दें कि बुखारी कश्मीर में होने वाली हर घटना पर ग्राउंड रिपोर्ट करते थे।
सूत्रों का कहना है कि पुलिस हमले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। इस ट्वीट को भी जांच के बिंदु के रूप में शामिल किया गया है।
उन्होंने अपने आखिर ट्वीट में लिखा था कि कश्मीर पर पहली संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार रिपोर्ट मानवाधिकार उल्लंघन की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग करती है। उन्होंने लिखा कि कश्मीर में हमने पत्रकारिता गर्व के साथ की है, आगे जो भी जमीन पर कुछ होगा, हम उसे प्रमुखता से उठाएंगे।
आपको बता दें कि बुखारी कश्मीर में होने वाली हर घटना पर ग्राउंड रिपोर्ट करते थे।
It is unfortunate that a credible think tank like @orfonline should allow this diatribe in absence of the person referred to. In #Kashmir we have done Journalism with pride and will continue to highlight what happens on ground. @samirsaran https://t.co/bGjajFT9yb
— Shujaat Bukhari (@bukharishujaat) June 14, 2018
सूत्रों का कहना है कि पुलिस हमले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। इस ट्वीट को भी जांच के बिंदु के रूप में शामिल किया गया है।