{"_id":"17c3ef18be749db7f95cc3dfc19cff5b","slug":"four-days-program-in-jammu-university-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"साइंटिफिक टर्मिनालाजी पर चार दिवसीय आयोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साइंटिफिक टर्मिनालाजी पर चार दिवसीय आयोजन
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Thu, 04 Sep 2014 12:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुधवार को जम्मू यूनिवर्सिटी में कमीशन फार साइंटिफिक एंड टेक्नीकल टर्मिनालोजी(सीएसटीटी) मानव संसाधन विकास मंत्रालय नई दिल्ली की ओर से चार दिवसीय बैठक आयोजित हुई। यह बैठक छह सितंबर तक चलेगी। जम्मू यूनिवर्सिटी के (बाटनी)वनस्पति विज्ञान विभाग में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान डोगरी में शब्दकोष निर्माण के लिए तकनीकी एवं वैज्ञानिक स्तर पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की जा रही है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि बाटनी का फंडामेंटल ग्लोसरी डोगरी भाषा में तैयार किया जाना है। इस बैठक में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ इस चार दिवसीय कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। वहीं इस कार्यक्रम में हिंदी तथा डोगरी के साथ साथ अन्य भारतीय भाषाओं की टर्मिनालोजी पर भी गंभीर विचार विमर्श होंगे।
विज्ञापन
इस बैठक में सीएसटीटी के निदेशक डा.धर्मिंदर कुमार ने इस टर्मिनालाजी के बारे में जरूरी तकनीकी जानकारी दी। जबकि सीएसटीटी के सेक्रेटरी डीडी नौटियाल भी मौजूद रहे जो जाने माने भाषा वैज्ञानिक भी हैं। पहले दिन इस बैठक में बाटनी डिपार्टमेंट की बैठक प्रो. गीता सुंबाली मौजूद रहीं। जबकि विद्यार्थी तथा लेक्चरर आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन