JKCA Money Laundering Case: जेकेसीए मनी लांड्रिंग केस में फारूक को जमानत, 26 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
अदालत ने 23 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से अब्दुल्ला और अन्य के खिलाफ जेकेसीए मनी लांड्रिंग केस में दायर एक शिकायत पर समन जारी किया था। शनिवार को इसकी सुनवाई थी।
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जम्मू-कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला को शनिवार जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) के मनी लांड्रिंग केस में जमानत मिल गई है। समन जारी होने पर फारूक शनिवार अदालत में पेश हुए। उन्होंने नियमित जमानत की अर्जी देने के बाद 50 हजार रुपये का श्योरिटी बांड भरकर कोर्ट से राहत ली।
कोर्ट ने केस की अगली सुनवाई 26 सितंबर को निर्धारित की है। इस दौरान फारूक से कोर्ट में सवाल किए जाएंगे। शनिवार को श्रीनगर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में उन्हें बुलाया गया था। डॉ. फारूक के वकील इश्तियाक अहमद खान ने सुबह कोर्ट में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण उपस्थित नहीं हो पाए हैं।
कोर्ट के जोर देने पर फारूक दोपहर एक बजे कोर्ट पहुंचे, जहां उन्हें नियमित जमानत मिल गई। अदालत ने 23 जुलाई को अब्दुल्ला के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से उनके और अन्य के खिलाफ जेकेसीए मनी लांड्रिंग केस में दायर एक शिकायत पर समन जारी किया था। एजेंसी ने डॉ. फारूक अब्दुल्ला से कई बार पूछताछ भी की है।
डॉ. फारूक 2001 से 2012 तक जेकेसीए के अध्यक्ष थे। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) व ईडी की जांच में 2004 और 2009 के बीच वित्तीय हेराफेरी सामने आई है। ईडी इस मामले में पहले ही 21 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क कर चुकी है। इसमें अब्दुल्ला की 11.86 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है।
यह है मामला
ईडी का दावा है कि अब तक जांच से पता चला है कि जेकेसीए के पूर्व कोषाध्यक्ष अहसान अहमद मिर्जा ने जेकेसीए के अन्य पदाधिकारियों के साथ मिलकर 51.90 करोड़ रुपये के फंड का दुरुपयोग किया है। इस आय का उपयोग अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक देनदारियों को निपटाने के लिए किया गया।
इसके बाद श्रीनगर के राम मुंशी बाग पुलिस थाने में केस दर्ज कर जेकेसीए पदाधिकारियों के खिलाफ मनी लांड्रिंग की जांच शुरू की गई। बाद में हाईकोर्ट के निर्देश पर मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था। सीबीआई ने जेकेसीए के पूर्व पदाधिकारियों के खिलाफ धांधली पर आरोप पत्र दायर किया है।