जम्मू कश्मीर में रेलवे की महत्वाकांक्षी योजना पर वन विभाग ने लगवाई रोक, ये है वजह
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वन विभाग ने पर्यावरण को हो रहे नुकसान व नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए जम्मू कश्मीर की महत्वाकांक्षी उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) प्रोजेक्ट का काम रुकवा दिया है। बुधवार को जारी किए गए वन विभाग के आदेश के बाद रेल प्रोजेक्ट के लिए टनल, पुल व संपर्क मार्गों को बनाने का काम रुक गया है।
प्रोजेक्ट के लिए काम में जुटीं प्राईवेट कंपनियों की मशीनरी ने काम करना बंद कर दिया है। इससे जुड़े कामगार भी फिलहाल बेरोजगार हो गए हैं। इस रेल लिंक परियोजना का काम रियासी के ग्राबरयोतरा, अंजी नाला, भागा सिरला, कोडी, जुड्डा, डुग्गा, कारका नाला, घनोड में चल रहा है।
वन विभाग का कहना है कि जो कंपनियां इस काम में लगीं हैं, उनमें से कई ऐसी भी हैं जो नियमों की अनदेखी कर रहीं हैं। मलबे को जहां-तहां फेंका जा रहा है। इससे वन संपदा को भी नुकसान हो रहा है।
'प्रोजेक्ट से वन संपदा को व्यापक स्तर पर नुकसान'
वन विभाग के डीएफओ सज्जाद चौधरी ने काम रुकवाने की पुष्टि करते हुए बताया कि यूएसबीआरएल प्रोजेक्ट से वन संपदा को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंच रहा है। निर्माण कार्य में लगीं कंपनियां मलबे की डंपिंग करने के बजाय ढलान पर फेंक देती हैं। कई स्थानों पर पेड़-पौधे भी काटे जा रहे हैं।
नियमाें का पालन सुनिश्चित होने पर ही काम बहाल करने दिया जाएगा। कोंकण रेलवे के चीफ इंजीनियर जीवी नागेंद्रा का कहना है कि वन विभाग ने सभी कंपनियों का काम बंद करने को कहा है। ऐसे में नियमों का पालन करने वाली कंपनियां भी इसकी चपेट में आ गई हैं। इस संबंध में विभाग को पुनर्विचार करना चाहिए।
गौरतलब है कि ऊपर से डाला गया मलबा खेतों में आने पर ग्रामीणों ने भी इन कंपनियों के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इस संबंध में ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग को उन कंपनियों पर कार्रवाई करनी चाहिए, जिन्होंने उनके खेतों में मलबा फेंककर उनकी फसलों को बर्बाद किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ज्यादा लंबे समय तक काम बंद होने पर प्रोजेक्ट में लगी कंपनियां कामगारों को निकालने का काम भी कर सकतीं हैं।
रोजाना हो रहा लाखों का नुकसान