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जम्मू-कश्मीर में नए उद्योग के लिए 15 एनओसी की अनिवार्यता खत्म, औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगी रफ्तार

Mon, 15 Feb 2021 12:19 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Mon, 15 Feb 2021 12:19 PM IST
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For new industry in Jammu and Kashmir no need of 15 noc's
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा - फोटो : ANI

जम्मू-कश्मीर में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए उप राज्यपाल प्रशासन ने उद्योग लगाना आसान कर दिया है। नए उद्योग स्थापित करने के लिए 15 तरह के एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) की अनिवार्यता खत्म हो गई है। अब केवल उद्योग आधार ज्ञापन पर ही इकाई स्थापित की जा सकेगी। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में प्रशासनिक परिषद ने इस बड़े फैसले से औद्योगिक गतिविधियों को रफ्तार देने का रास्ता साफ कर दिया है।

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खास बात है कि अब व्यापारिक इकाई स्थापित करने के लिए पंजीकरण की जरूरत भी नहीं होगी। प्रशासनिक परिषद की ओर से उद्योगाें के लिए आसान की गई शर्तों के अनुसार अब केवल औद्योगिक क्षेत्र के भीतर व बाहर स्थापित होने वाली व्यापारिक इकाइयों के लिए केवल दो सिंगल विंडो कमेटियां होंगी। यह कमेटियां नई व्यापारिक इकाइयों को समय बद्ध बिजली कनेक्शन, पानी कनेक्शन, बिल्डिंग प्लान आदि के एनओसी या मंजूरी सुनिश्चित करेगी।
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मंडल स्तर पर भी एक कमेटी बनेगी, जो सिंगल विंडो कमेटियों की कार्य प्रणाली पर नजर रखेगी। एनओसी के मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अग्निशमन विभाग और राजस्व विभाग के  भूमि प्रयोग में बदलाव का एनओसी लेना होगा।  


रोजगार के द्वार खोलेगी 28400 करोड़ रुपये की नई उद्योग योजना
केंद्र सरकार ने पिछले महीने 28400 करोड़ की नई उद्योग विकास योजना को जम्मू-कश्मीर के लिए मंजूर किया है। इससे अर्थव्यवस्था में सुधार के साथ-साथ बड़े पैमाने पर बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया होंगे। इस योजना को स्थानीय उद्योग के लिए भी बड़ा प्रोत्साहन माना जा रहा है। नए व्यापारिक मौके मिलेंगे। ब्लाक स्तर पर औद्योगिक विकास होगा। इससे जीएसटी लिंक्ड इंसेंटिव मिलेंगे। 50 करोड़ तक का निवेश करने वाले छोटे यूनिट को साढ़े सात करोड़ का इंसेंटिव मिलेगा। इसके अलावा पूंजीगत ब्याज अनुदान भी सात साल के लिए छह फीसदी रहेगा।

जम्मू-कश्मीर में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना इस फैसले से आसान होगा। व्यापार सुगम माहौल सरकार की प्राथमिकता है। नई उद्योग विकास योजना से भी प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। अर्थव्यवस्था में भी तेजी से सुधार होगा। ईज आफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स में जम्मू-कश्मीर की रैंकिंग में सुधार होगा। केंद्र शासित सरकार व्यापार के लिए आनलाइन सेवाको जल्द शुरू करने की भी येाजना बना रही है। - मनोज सिन्हा, उप राज्यपाल जम्मू-कश्मीर

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