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नए जम्मू-कश्मीर में पहला चुनाव पंचों-सरपंचों की खाली सीटों पर

Sat, 23 Nov 2019 02:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
बृजेश कुमार सिंह, जम्मू Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 23 Nov 2019 02:20 AM IST
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First election in new Jammu and Kashmir on vacant seats of Panch-sarpanch
demo pic - फोटो : बासित जरगर

नए जम्मू-कश्मीर में पहला चुनाव पंचायतों में पंचों और सरपंचों की खाली पड़ी सीटों पर होगा। इन खाली पड़ी सीटों पर पर चुनाव कराने की प्रशासन ने हरी झंडी दे दी है। सब कुछ ठीक रहा तो बर्फबारी खत्म होते ही इन सीटों पर चुनाव कराए जा सकते हैं। चुनावों के लिए मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम भी शुरू कर दिया गया है। 

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वर्ष 2018 में हुए पंचायत चुनाव में 12 हजार से अधिक पंच-सरपंचों का सीटों पर चनावा लड़ने के लिए कोई सामने नहीं आया था। जिसके कारण ये सीटें खाली चल रही हैं। आतंकियों की धमकी और नेकां-पीडीपी के बहिष्कार के चलते कश्मीर घाटी के ज्यादातर जिलों में यह स्थिति सामने आई थी।  
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दस साल बाद हुए वर्ष 2018 में हुए पंचायत चुनाव में 40 हजार पंच-सरपंच पदों के लिए मतदान हुआ था। इसके बावजूद 12,776 पद रिक्त रह गए थे। अकेले कश्मीर में 12,565 सीटें खाली हैं। जम्मू संभाग में 166 और लद्दाख में 45 पंच-सरपंचों के पद रिक्त रह गए थे।
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 मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पंचायतों की मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम पूरा होते ही रिक्त पदों के चुनाव की अधिसूचना जारी की जा सकती है। 

मतदान केंद्रों को चिह्नित करने को कहा गया है,जरूरी सुरक्षा इंतजाम और अन्य आवश्यकताओं को सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो बर्फबारी खत्म होते ही फरवरी-मार्च के महीने में चुनाव कराए जा सकते हैं। प्रशासन का जोर इसलिए है क्योंकि यह संदेश दिया जा सके कि कश्मीर में भी लोग अंतिम पायदान तक लोकतंत्र को मजबूत करना चाहते हैं। 

पंचायत चुनाव जब नवंबर 2018 में हुए थे तो नेकां और पीडीपी ने इसमें हिस्सा लेने से मना कर दिया था। गांव-गांव आतंकी संगठनों की ओर से धमकी भरे पोस्टर चस्पा किए गए। अलगाववादियों की ओर से भी चुनाव में हिस्सा न लेने के लिए लोगों को उकसाया जाता रहा। यह अलग बात है कि तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भारी सुरक्षा के बीच चुनाव को सकुशल संपन्न करा लिया था। 


मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। 18 नवंबर को वर्तमान मतदाता सूची प्रदर्शित कर दी गई है। आठ दिसंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जाएंगी। पोलिंग बूथ स्तर पर 30 नवंबर और एक, सात और आठ दिसंबर को विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। 15 दिसंबर तक दावे व आपत्तियों का निपटारा होगा। ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 18 दिसंबर और अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 26 दिसंबर को होगा। 
-शैलेंद्र कुमार, मुख्य निर्वाचन अधिकारी

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