पटाखे खरीदने को इस बार करनी पड़ेगी मशक्कत
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जिला उपायुक्त अजीत कुमार साहू ने बुधवार को एक आदेश जारी करके साफ कर दिया है कि नगर निगम की हद में कहीं पर भी पटाखे जमा करके न रखे। ऐसा करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
नगर निगम के अलावा बाहरी क्षेत्र में एसडीएम और तहसीलदार को ध्यान रखने की हिदायतें दी गई है। आदेश में बीस अक्टूबर से ही पटाखों के स्टाल लगाना सुनिश्चित किया गया है।
डीसी साहू ने इन सबके अलावा पटाखा डीलरों को भी एक्ट के तहत सभी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि होलसेल उनके लाइसेंस में दर्ज की गई जगह पर ही पटाखे लगाए।
बीस अक्टूबर से ही लग सकेंगे पटाखों के स्टाल
इसके साथ ही डिप्टी डायरेक्टर फायर सर्विसेज, पुलिस, म्यूनिसिपालिटी और एनएसीसी तथा राजस्व अथॉरिटी की ओर से एनओसी जारी होने के बाद ही पटाखे लगाए जाए। पटाखा स्टाल में बिजली की वायरिंग मजबूती के साथ होनी चाहिए।
इसके अलावा यहां पर सीएफएल का प्रयोग किया जाए, अठारह साल से कम आयु का कोई भी व्यक्ति स्टाल पर न बैठाया जाए। डीसी ने विशेषतौर पर पटाखों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए हैं।
ज्यादा ध्वनि वाले पटाखों का प्रयोग न किया जाए, इस बात का पटाखे के डीलर खास ध्यान रखे। चौक बम, चैन पटाखा, रॉकेट, गारलेंड पटाखा और सेवन शाट ने बेचा जाए। इन पटाखों की चिंगारी आदि से आग लगने की संभावना बन सकती है। पटाखों के प्राइज में लोकल टैक्स शामिल है।