{"_id":"4dab17a4a177245ee4ef2b5f582b5d99","slug":"fire-in-50-shop-hindi-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कश्मीर: ऊड़ी में आग से 50 दुकानें जलकर राख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीर: ऊड़ी में आग से 50 दुकानें जलकर राख
Updated Wed, 24 Feb 2016 08:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के ऊड़ी में मंगलवार की देर रात भीषण आग लग गई। हादसे में 50 के करीब दुकानें जलकर राख हो गईं। सेना की तरफ से तत्काल आग को बुझाने का कार्य शुरू कर दिया गया।
विज्ञापन
लपटों को काबू करने में करीब चार घंटे लग गए। उड़ी में दमकल विभाग की गाडि़यां नहीं होने से बारामुला, सोपोर और संग्राम से दमकल वाहन बुलाने पड़े। इससे लोगों मेें प्रशासन के प्रति रोष भी देखा गया।
विज्ञापन
घटना श्रीनगर से करीब 95 किलोमीटर दूर ऊड़ी की है, जहां मंगलवार और बुधवार की रात को करीब दो बजे ऊड़ी मार्केट के कांप्लेक्स में आग लग गई। देखते-देखते आग ने कई दुकानों को चपेट में ले लिया। इसकी जानकारी होते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। लेकिन, आग पर काबू पाना उनके बस की बात नहीं रह गई थी।
विज्ञापन
सेना की मदद से आग पर पाया गया काबू
इसी बीच सेना के करीबी कैंप से वाटर टैंक, आग बुझाने के उपकरणों सहित करीब 90 जवान मौके पर पहुंचे। स्थानीय प्रशासन ने भी आसपास के इलाकों से दमकल गाडि़यां मंगवाईं। आग पर काबू पाने में करीब चार घंटे लग गए, तब तक काफी नुकसान हो चुका हो चुका था।
एसडीएम ऊड़ी शौकत अहमद राथर ने कहा कि भीषण आग में 45 से अधिक दुकानें और अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचा है। इनमें दुकानें, गोदाम और कुछ ढाबे भी शामिल हैं। फिलहाल हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
साथ ही नुकसान का आंकलन करने के लिए टीमों को कार्य सौंपा गया है। स्थानीय लोगों ने सेना के प्रयास की सराहना की है। वहीं उन्होंने प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त की है। उनके अनुसार अगर ऊड़ी में कुछ गाडि़यां होतीं, तो शायद इतना ज्यादा नुकसान नहीं होता।
एसडीएम ऊड़ी शौकत अहमद राथर ने कहा कि भीषण आग में 45 से अधिक दुकानें और अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचा है। इनमें दुकानें, गोदाम और कुछ ढाबे भी शामिल हैं। फिलहाल हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
साथ ही नुकसान का आंकलन करने के लिए टीमों को कार्य सौंपा गया है। स्थानीय लोगों ने सेना के प्रयास की सराहना की है। वहीं उन्होंने प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त की है। उनके अनुसार अगर ऊड़ी में कुछ गाडि़यां होतीं, तो शायद इतना ज्यादा नुकसान नहीं होता।