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जम्मू-कश्मीरः डोडा के जंगलों में लगी भीषण आग, चीड़ के कई पेड़ जलकर खाक

Sat, 28 Oct 2017 07:39 PM IST
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय
amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय Updated Sat, 28 Oct 2017 07:39 PM IST
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fire broke out in forest of doda in jammu kashmir
डोडा के जंगल में लगी आग - फोटो : AMAR UJALA

जंगल का सोना कहे जाने वाले चीड़ के पेड़ इस समय आग भेंट चढ़ रहे हैं। जाड़ा नजदीक आने के साथ चीड़ के जंगलों में खूब पत्तियां गिरी होती हैं, जिसमें आग तेजी से पकड़ती है। इसके साथ ही एक बार यदि चीड़ के जंगल में आग लग गई तो वह बहुत तेजी से पहुंचती है, क्योंकि चीड़ के पेड़ में पाया जाने वाला रेजिन आग लगने पर दावानल बन जाता है, जिससे बुझाना बहुत मुश्किल होता है।

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शुक्रवार रात को जब जिले के गलगिंदर इलाके में आग लगी तो यही हुआ। जल्दी ही यह आग तेजी से फैलने लगी, जिसने सैकड़ों पेड़ों को जलाकर राख कर दिया। इससे लाखों रुपये की वन संपदा जलकर राख हो गई है।जिला डोडा के अंतर्गरत पड़ने वाले गलगिंदर के जंगलों में कंपार्टमेंट 64 जिला मुख्यालय से मात्र छह किलोमीटर की दूरी पर है। यहां शुक्रवार की रात करीब 10:30 बजे भीषण आग लग गई।
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आग में चीड़ के कई पेड़ जलकर राख हो गए, जबकि बड़ी संख्या में पेड़ झुलस गए हैं। आने वाले समय में ऐसे पेड़ सूख सकते हैं। मौके पर मौजूद रेंज आफिसर केलाड आफताब अहमद ने बताया कि रात देर रात जैसे ही हमें जंगल में आग लगने की सूचना मिली, हमारी पूरी टीम रात में ही मौके पर पहुंच गई और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया।
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तकरीबन 16 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हमने 90 प्रतिशत आग पर काबू पा लिया है। यहां पर सड़क नहीं होने से दमकल वाहन यहां नहीं आ सकता है। इसलिए वन विभाग के फारेस्ट गार्डों और कर्मचारियों ने अपने दम पर आग बुझाने का प्रयास किया। इससे आग बुझाने में समय ज्यादा जरूर लगा, लेकिन हमेशा आग पर काफी हद तक काबू पा लिया है।  

अंधविश्वास के कारण भी आग लगाते हैं लोग

जंगल में आग बुझाने पहुंचे वन विभाग के कर्मचारी आग लगने की वजह तो नहीं बता पाए, लेकिन उनका कहना था कि अक्सर यहां मवेशी चराने आने वाले लोग सिगरेट या बीड़ी फेंक देते हैं, जिससे आग लग जाती है। चीड़ के जंगलों में वैसे भी आग जल्दी पकड़ती है।
वे आग लगने की वजह तो नहीं बता पाए, लेकिन उनका कहना था कि अक्सर यहां मवेशी चराने आने वाले लोग सिगरेट या बीड़ी फेंक देते हैं, जिससे आग लग जाती है। चीड़ के जंगलों में वैसे भी आग जल्दी पकड़ती है।
कई बार आम लोगों में कायम एक अंधविश्वास भी इसकी वजह बनता है। लोग मानते हैं कि जब बारिश नहीं हो रही हो तो जंगल में आग लगा देने से जब धुआं आसमान में जाएगा तो बादल बनेंगे और बारिश होगी।  

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