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Jammu News: सरकारी दफ्तर में आतिथ्य सत्कार पर वित्त विभाग की नजर
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चायपान और भोजन पर खर्च कम करने सहित निगरानी बढ़ाने के आदेश
बर्फ हटाने, आपदा नियंत्रण और फर्नीचर की खरीद का रास्ता खुलेगा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के सरकारी कार्यालयों में आतिथ्य सत्कार को अब खुली छूट नहीं मिलेगी। विभागों को चायपान से भोजन परोसने तक बजट में कमी लानी होगी। राज्य सरकार के वित्त विभाग ने यह आदेश जारी किए हैं।
कार्यालय के सभी व्यय पूरी सावधानी के साथ और प्रत्येक मामले में अनिवार्यता की पुष्टि के बाद करने के आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों में राज्य सरकार के वित्त विभाग ने बर्फ हटाने और आपदा से निपटने समेत फर्नीचर की खरीद पर फंड जारी करने को भी शामिल किया है। इस फंड के इस्तेमाल को लेकर नियम और तय शर्तों पर अमल के बगैर फंड का इस्तेमाल नहीं हो पाएगा। ऐसा होने पर आवश्यक कार्रवाई संबंधित अधिकारियों के खिलाफ की जा सकती है। इस बारे में जम्मू-कश्मीर सरकार के वित्त विभाग ने बकायदा अधिसूचना जारी की है। वित्त विभाग ने इस अधिसूचना में अवकाश यात्रा रियायत को छोड़कर अन्य सभी बजट संबंधित कार्यों को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया है। वित्त विभाग के अनुसार बिजली की खरीद के लिए मासिक आधार पर अनुमोदित विनियोग में से बजट अनुमान के अनुसार खर्च होंगी। इसमें ब्याज, खाद्यान्न लागत, राजस्व घटक और यूटी हिस्सा सहित आपदा राहत प्रतिक्रिया पर क्रमवार विचार करने की बात अधिसूचना में कही गई है। अधिसूचना के अनुसार कार्यालय उपकरण, मशीनरी, वाहनों की खरीद, फर्नीचर, भूमि मुआवजा और साज सज्जा पर धनराशि बजट के पूंजी घटक के अनुसार जारी की जाएगी। राजस्व बजट का आवंटन और उपयोग करते समय, नियंत्रण अधिकारियों को गैर-विकासात्मक व्यय को रोकने और अधिक तर्कसंगत बनाने के आदेश दिए गए हैं। खर्च को नियंत्रित करने सहित पूंजीगत व्यय की सुरक्षा करने की आवश्यकता पर जोर देने की भी सलाह दी गई है। वित्त विभाग ने सरकारी परिसरों के बिजली और पानी के बिलों का समय पर भुगतान करने के आदेश भी जारी किए हैं। आदेश में सभी सरकारी कार्यालयों, भवनों के ऐसे कनेक्शनों की मीटरिंग सुनिश्चित करने और ओई, एलटीसी, टेलीफोन, पीओएल, विज्ञापन, प्रचार, आतिथ्य और भोज आदि गतिविधियों के लिए बजट उपयोग में कमी लाने को सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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बर्फ हटाने, आपदा नियंत्रण और फर्नीचर की खरीद का रास्ता खुलेगा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के सरकारी कार्यालयों में आतिथ्य सत्कार को अब खुली छूट नहीं मिलेगी। विभागों को चायपान से भोजन परोसने तक बजट में कमी लानी होगी। राज्य सरकार के वित्त विभाग ने यह आदेश जारी किए हैं।
कार्यालय के सभी व्यय पूरी सावधानी के साथ और प्रत्येक मामले में अनिवार्यता की पुष्टि के बाद करने के आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों में राज्य सरकार के वित्त विभाग ने बर्फ हटाने और आपदा से निपटने समेत फर्नीचर की खरीद पर फंड जारी करने को भी शामिल किया है। इस फंड के इस्तेमाल को लेकर नियम और तय शर्तों पर अमल के बगैर फंड का इस्तेमाल नहीं हो पाएगा। ऐसा होने पर आवश्यक कार्रवाई संबंधित अधिकारियों के खिलाफ की जा सकती है। इस बारे में जम्मू-कश्मीर सरकार के वित्त विभाग ने बकायदा अधिसूचना जारी की है। वित्त विभाग ने इस अधिसूचना में अवकाश यात्रा रियायत को छोड़कर अन्य सभी बजट संबंधित कार्यों को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया है। वित्त विभाग के अनुसार बिजली की खरीद के लिए मासिक आधार पर अनुमोदित विनियोग में से बजट अनुमान के अनुसार खर्च होंगी। इसमें ब्याज, खाद्यान्न लागत, राजस्व घटक और यूटी हिस्सा सहित आपदा राहत प्रतिक्रिया पर क्रमवार विचार करने की बात अधिसूचना में कही गई है। अधिसूचना के अनुसार कार्यालय उपकरण, मशीनरी, वाहनों की खरीद, फर्नीचर, भूमि मुआवजा और साज सज्जा पर धनराशि बजट के पूंजी घटक के अनुसार जारी की जाएगी। राजस्व बजट का आवंटन और उपयोग करते समय, नियंत्रण अधिकारियों को गैर-विकासात्मक व्यय को रोकने और अधिक तर्कसंगत बनाने के आदेश दिए गए हैं। खर्च को नियंत्रित करने सहित पूंजीगत व्यय की सुरक्षा करने की आवश्यकता पर जोर देने की भी सलाह दी गई है। वित्त विभाग ने सरकारी परिसरों के बिजली और पानी के बिलों का समय पर भुगतान करने के आदेश भी जारी किए हैं। आदेश में सभी सरकारी कार्यालयों, भवनों के ऐसे कनेक्शनों की मीटरिंग सुनिश्चित करने और ओई, एलटीसी, टेलीफोन, पीओएल, विज्ञापन, प्रचार, आतिथ्य और भोज आदि गतिविधियों के लिए बजट उपयोग में कमी लाने को सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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