देश की सबसे बड़ी टनल में हुआ आखिरी धमाका
देश की सबसे बड़ी चिनैनी-नाशरी टनल में सोमवार को आखिरी ब्लास्ट कर उसे आर-पार कर दिया गया। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी तथा रियासत के उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। नौ किलोमीटर लंबे इस टनल का काम मई 2016 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इससे जम्मू तथा श्रीनगर के बीच 30 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। इस मौके पर गडकरी ने कहा कि यहां सड़क बनने से पर्यटन तथा रोजगार बढ़ेगा। टनल का काम समय पर चल रहा है। इसके पूरा होने का समय मई 2016 निर्धारित है, लेकिन जिस गति से काम चल रहा है उससे उम्मीद है कि मार्च में ही यह काम पूरा हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि 14 किलोमीटर के जोजिला टनल का काम जल्द शुरू होगा। जम्मू और श्रीनगर बाईपास को भी मंजूर किया गया है, जिस पर ढाई से तीन हजार करोड़ का खर्च आएगा। उन्होंने कहा कि रियासत के उप मुख्यमंत्री से बात की है कि वह जम्मू और कश्मीर में सेटेलाइट पोर्ट देना चाहते हैं।
रोज बचेगा 27 लाख का तेल
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत माला के तहत हर जिले और पिछड़े क्षेत्रों को हाईवे से जोड़ा जाएगा। साथ ही पर्यटन और तीर्थ स्थलों की सड़कों को भी दुरुस्त किया जाएगा। श्री अमरनाथ यात्रियों को खस्ताहाल हाईवे के कारण हो रही दिक्कतों पर कहा कि बरसात के कारण हालत बिगड़ी है। अगले वर्ष यात्रियों को राहत मिलेगी। इस अवसर पर राज्य मंत्री पवन गुप्ता एवं सुनील शर्मा तथा विधायक चिनैनी दीनानाथ भगत और रामबन विधायक नीलम लंगेह मौजूद थे।
इस टनल के बनने से जम्मू से श्रीनगर की दूरी कम होने के साथ ही हाईवे पर वाहनों की स्पीड भी बढ़ेगी। पहली बार किसी टनल में इंटीग्रेटेड कंट्रोल सिस्टम लगाई गई है। इसमें वेंटिलेशन, फायर कंट्रोल, सिग्नल कम्युनिकेशन, इलेक्ट्रानिक सिस्टम आदि स्थापित होगा। 3800 करोड़ रुपये की लागत से इस टनल के बनने से हर रोज 27 लाख का तेल बचेगा।