भूकंप में आशियाना खोया, पर भोले ने बुलाया
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भूकंप ने भले ही सब कुछ छीन लिया हो, मगर भोलेनाथ के प्रति आस्था में कोई कमी नहीं आई है। नेपाल से पैदल पहुंचे बाप-बेटे की बाबा बर्फानी के प्रति अटूट श्रद्धा है।
ठिठुरती सर्दी और तीखी धूप भी इन भक्तों के उत्साह और जोश को कम नहीं कर पाई है। पिता लेटकर बाबा के दरबार की ओर बढ़ रहे हैं तो बेटा श्रवण पुत्र की तरह उनके साथ साइकिल लेकर निकल पड़ा है।
27 अक्तूबर 2014 से पैदल यात्रा पर निकले जनकपुर धाम शहर, गांव रावेइयां बवारी, जिला धनुषा नेपाल के श्रीराम तीर्थ यादव (55) के साथ उनके बेटे संजय कुमार यादव (21) शनिवार को मंदिरों के शहर जम्मू पहुंचे।
भूकंप ने सब कुछ तबाह कर दिया
श्रीराम लगातार दूसरे साल बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए लेटकर यात्रा कर रहे हैं। श्रीराम ने बताया कि वह नेपाल के जानकी मंदिर में रहते हैं, लेकिन भूकंप ने वहां सबकुछ तबाह कर दिया है। इसके बावजूद वह यात्रा जारी किए हैं।
बेटे संजय ने बताया कि उनके पिता ने 27 अक्तूबर 2014 को यात्रा शुरू की थी। 14 जुलाई 2015 तक बाबा के दरबार तक पहुंचने का लक्ष्य है। वह रोजाना दस किलोमीटर की यात्रा कर रहे हैं।
नेपाल से चलकर वह बिहार, यूपी, उत्तराखंड (हरिद्वार), हरियाणा, पंजाब से होते हुए विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन करके यहां पहुंचे हैं। कटड़ा में माता वैष्णो देवी की यात्रा कर बाबा बर्फानी के दरबार की ओर से रवाना होंगे। बेटे के अनुसार श्रीराम ने वर्ष 2008 में देशभर के धार्मिक स्थलों की यात्रा शुरू की थी।