आतंकी हमलों पर फारूक बोले: आम लोगों की हत्या करने वालों के मिलेगा नरक, अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले पर भी उठाए सवाल
अब्दुल्ला ने एक बार फिर आर्टिकल 370 हटाने के फैसले पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हिंसा को खत्म करने के लिए सबसे अच्छा ये रहेगा कि भारत और पाकिस्तान एक साथ बैठें और शांति बहाली पर काम करें।
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने घाटी में लगातार नागरिकों पर हो रहे आतंकी हमलों को लेकर आतंकियों पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि आम लोगों की हत्या करने वाले दहशतगर्दों को नरक ही मिलेगा। अब्दुल्ला ने ये बात एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में कही है। उनका कहना है कि इस्लाम निर्दोष लोगों की हत्या की इजाजत नहीं देता, कट्टरपंथियों को ये बात समझनी चाहिए।
इसके साथ ही अब्दुल्ला ने पाकिस्तान से बातचीत करने का भी समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि हिंसा को खत्म करने के लिए सबसे अच्छा ये रहेगा कि भारत और पाकिस्तान एक साथ बैठें और शांति बहाली पर काम करें। इससे दोनों देशों में बड़ा बदलाव आएगा। हम हमेशा से कहते आए हैं कि बैठक हो और बातचीत हो। इसके साथ ही अब्दुल्ला ने एक बार फिर अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब आर्टिकल 370 हटाया गया तभी लगा था कि चीजें ठीक नहीं होंगी, हालात ज्यादा बिगड़ेंगे और ऐसा ही हुआ।
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सुरक्षाबल ने शोपियां में पांच आतंकी किए ढेर
सुरक्षाबलों ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के शोपियां में अलग-अलग जगह मुठभेड़ों में पांच आतंकियों को मार गिराया। ये सभी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे। इनमें वह आतंकी भी शामिल था, जिसने 5 अक्टूबर को श्रीनगर में रेहड़ी लगाने वाले बिहार के वीरेंद्र पासवान की हत्या की थी।
कश्मीरी विस्थापितों और पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थियों की वापसी से बौखलाए हैं आतंकी
सरकार ने कश्मीरी विस्थापितों और पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थियों को 45 लाख मूलनिवासी प्रमाणपत्र बांटे हैं। इससे गैर-मुस्लिम उत्साहित थे और यही आतंकियों की बौखलाहट की वजह है। इसलिए न सिर्फ हिंदुओं, बल्कि सिखों को भी निशाना बनाया जा रहा है, ताकि इनमें दशहत फैले।